केकेएम कॉलेज के सात व साहिबगंज में दो छात्रों पर होगा एफआइआर

Updated at : 21 Nov 2017 5:34 AM (IST)
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केकेएम कॉलेज के सात व साहिबगंज में दो छात्रों पर होगा एफआइआर

डी-वन में फेल होने के बाद डी-टू के फार्म भरते समय संलग्न किया था फर्जी अंक-पत्र दोनों कॉलेजों के प्राचार्य को दिया आदेश, छात्रों पर नजदीकी थाने में दर्ज करायें मामला दुमका : पाकुड़ के केकेएम कॉलेज एवं साहिबगंज कॉलेज के दो छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज होगी. इन दोनों ही कॉलेजों के प्राचार्यों को सिदो-कान्हू […]

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डी-वन में फेल होने के बाद डी-टू के फार्म भरते समय संलग्न किया था फर्जी अंक-पत्र

दोनों कॉलेजों के प्राचार्य को दिया आदेश, छात्रों पर नजदीकी थाने में दर्ज करायें मामला
दुमका : पाकुड़ के केकेएम कॉलेज एवं साहिबगंज कॉलेज के दो छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज होगी. इन दोनों ही कॉलेजों के प्राचार्यों को सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. दरअसल, पिछले दिनों स्नातक खंड दो की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी करते वक्त स्क्रीनिंग के दौरान इन नौ परीक्षार्थियों द्वारा अपने परीक्षा प्रपत्र के साथ संलग्न किये गये. स्नातक खंड एक के अंक पत्र फर्जी पाये गये थे. विश्वविद्यालय के रिकाॅर्ड में इन परीक्षार्थियों को स्नातक खंड एक की परीक्षा में अनुत्तीर्ण घोषित किया गया था. स्नातक खंड एक में फेल होने के बावजूद भी इन लोगों ने परीक्षा प्रपत्र भरा
और इसके लिए फर्जी अंक-पत्र संलग्न किया. इसमें उन्हें उत्तीर्ण दर्शाया गया. प्रथम दृष्टया अंक-पत्र की छाया प्रति देख कर ही जांच में इसे संदिग्ध पाया गया. जब टीआर से मिलान किया गया, तो उसमें भी उन्हें अनुत्तीर्ण दर्शाया गया. बारकोड से जांच की गयी तो अंक-पत्र ही फर्जी पाया गया. मामले के संज्ञान में आने के बाद विवि प्रशासन ने न सिर्फ इनके एडमीट कार्ड को रोक दिया था, बल्कि अब कार्रवाई करते हुए कुलपति के आदेश पाकर संबंधित कॉलेजों को भी पत्र भेजकर इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने करा आदेश दे दिया है.
6 नवंबर से शुरू हुई स्नातक खंड- दो की परीक्षा के लिए परीक्षा प्रपत्र भरने वाले पाकुड़ के सात और साहिबगंज कॉलेज के दो कुल नौ परीक्षार्थियों के अंक-पत्र फर्जी पाये गये थे. बारकोड मिलान में भी उनके द्वारा समर्पित अंक-पत्र की छाया प्रति से साबित हुआ था कि उन्होंने फर्जी तरीके से अंक-पत्र तैयार कर उसकी छायाप्रति दी.तथा स्नातक खंड एक में फेल रहने के बावजूद अपने को उसमें उत्तीर्ण दिखाने का प्रयास किया. फर्जीवाड़ा सामने आने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है. नकली रिजल्ट तैयार करने का मामला साइबर क्राइम का भी है. संबंधित काॅलेज के प्राचार्य उसमें प्राथमिकी दर्ज करायेंगे.
डॉ दिलीप कुमार, परीक्षा नियंत्रक
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