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PHOTOS: झारखंड पहुंचे श्री श्री रविशंकर, बोले- जहां सब मिल कर कीर्तन करते हैं, वहीं कुंभ है

Updated at : 06 Feb 2025 9:08 PM (IST)
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Sri Sri Ravi Shankar in Dhanbad Jharkhand

भक्तों को संबोधित करते श्री श्री रविशंकर. फोटो : ज्योति

Sri Sri Ravi Shankar in Dhanbad Jharkhand: धनबाद के सांसद ढुलू महतो के आग्रह पर आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर धनबाद के बाघमारा पहुंचे. यहां उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां सब मिलकर कीर्तन करते हैं, वहीं कुंभ है. वहीं से मोक्ष का द्वार खुलता है.

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Sri Sri Ravi Shankar in Dhanbad Jharkhand | धनबाद, संजीव झा : आध्यात्मिक गुरु सह आर्ट ऑफ लिविंग (Art of Living) के संस्थापक पद्म भूषण श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि चिंता नहीं, साधाना करें. अपनी सारी चिंताएं गुरु को दे दें. खुद प्रसन्न रहें, दूसरों की सेवा करें. आपको सब कुछ प्राप्त होगा. उन्होंने कहा कि जहां सब मिलकर कीर्तन करते हैं, वहीं कुंभ है. वहीं मोक्ष का द्वार खुलता है. आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने ये बातें गुरुवार को धनबाद जिले में बाघमारा के चिटाहीधाम में चल रहे रामराज मंदिर के वार्षिकोत्सव समारोह में आये श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहीं. श्री श्री संस्कार ज्ञानपीठ हरिणा में भी अपने अनुयायियों से मिले और सभी को आशीर्वाद दिया.

श्री श्री का आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे भक्त. फोटो : ज्योति

गुरु आशीर्वाद देने में कभी कमी नहीं करते – श्री श्री

आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि गुरु कभी चांदी, तो कभी सूरज, तो कभी बिजली की तरह आते हैं. जब जीवन में गुरु मिल जायें, तो अपनी सारी चिंताएं गुरु को दे देनी चाहिए. खुद प्रसन्न रहें. साधना एवं सेवा में ज्यादा समय व्यतीत करें. श्री श्री रविशंकर ने कहा कि गुरु आशीर्वाद में कभी कमी नहीं करते.

  • चिंता नहीं, साधना करें सब कुछ प्राप्त होगा
  • आध्यात्मिक गुरु पहुंचे चिटाहीधाम
  • अपनी सारी चिंताएं गुरु को दे दें
  • खुद प्रसन्न रहें, असाहयों की सेवा में समय बितायें
बाघमारा के चिटाहीधाम में चल रहे रामराज मंदिर के वार्षिकोत्सव समारोह में श्री श्री को सुनने आये श्रद्धालु. फोटो : प्रभात खबर

विविधता में एकता की मिसाल है महाकुंभ – श्री श्री रविशंकर

उन्होंने कहा कि महाकुंभ से सीधे यहां आ रहे हैं. महाकुंभ के पुण्य का लाभ यहां के लोगों को भी मिलेगा. श्री श्री ने कहा कि जहां सब मिल-जुलकर पूजा करते हैं. भजन करते हैं. वहीं कुभ है. वहीं मोक्ष का मार्ग खुलता है. इसलिए सब मिल कर कीर्तन-भजन करें. ईश्वर आपकी रक्षा करेंगे. आपकी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण करेंगे. उन्होंने कहा कि पुरातन और नूतन को साथ लेकर चलना ही सनातन है. महाकुंभ ने पूरी दुनिया को एक संदेश दिया है कि यह विविधता में एकता की मिसाल है.

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लंबे अर्से बाद झारखंड आने का मौका मिला – श्री श्री रविशंकर

श्री श्री रविशंकर ने कहा कि यहां के सांसद ने काफी आग्रह किया था. इसलिए थोड़ी देर के लिए चिटाहीधाम आये हैं. एक लंबे अंतराल के बाद झारखंड आने का मौका मिला. यह एक बहुत ही अच्छा राज्य है. यहां के लोग अच्छे हैं. यहां के लोगों को बहुत-बहुत आशीर्वाद. जिनको भी मौका मिले, आर्ट ऑफ लिविंग के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय आकर कोर्स कर सकते हैं.

भक्तों के बीच से मंच पर जाते श्री श्री रविशंकर. फोटो : प्रभात खबर

बोकारो में हेलीकॉप्टर से उतरे, सड़क मार्ग से पहुंचे चिटाहीधाम

इससे पहले आध्यात्मिक गुरु हेलीकॉप्टर से बोकारो पहुंचे. बोकारो से सड़क मार्ग से चिटाहीधाम आये. पहले सांसद ढुलू महतो के आवास पर गये. यहां पर सांसद ढुलू महतो और बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो ने उनका स्वागत किया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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