Jharkhand Tourism: कभी देश विदेश से घूमने आते थे सेवन लेक में, अब समाप्त हो जा रहा अस्तित्व

Published by : Sameer Oraon Updated At : 04 Jan 2025 4:36 PM

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धनबाद का सेवन लेक

Jharkhand Tourism : धनबाद के सिंदरी में स्थित सेवन लेक में कभी देश विदेश से लोग घूमने आते थे. लेकिन देखभाल के अभाव में आज इसका अस्तित्व समाप्त हो जा रहा है. इसका बड़ा कारण एफसीआईएल का बंद हो जाना है.

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धनबाद, अजय उपाध्याय : धनबाद में सिंदरी के रोराबन्ध स्थित सेवन लेक (प्रियदर्शिनी पार्क) का हाल बेहाल है. यहां का सात तालाब कभी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र था, लेकिन इन दिनों यह घने जंगल में तब्दील होने लगा है. रख-रखाव के अभाव में इस पर्यटक स्थल की ऐसी स्थित उत्पन्न हो गयी है. दिसबंर और जनवरी में यहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती थी. अब जंगल व अतिक्रमण की वजह से इसका अस्तित्व समाप्त हो जा रहा है.

एफसीआईएल के बंद होने के बाद खराब हुई स्थिति

स्थानीय नागरिक बताते हैं कि सिंदरी के अलावे धनबाद और बोकारो के साथ साथ एफसीआईएल में जो विदेशी नागरिक यहां आते थे उनका आधा इंजॉयमेंट इन्हीं सात तालाबों में हुआ करता था. धीरे-धीरे यह सब खत्म हो गया और जो बचा है वह भी खत्म होते जा रहा है. क्योंकि यहां पर अब न तो किसी तरह का सौंदर्यीकरण और न ही किसी तरह का देखभाल होता है. पहले इसका जिम्मा एफसीआईएल प्रबंधन के हाथों में था. लेकिन एफसीआईएल बंद होने के बाद यह एक जंगल मे तब्दील होते चला गया.

सेवन लेक तालाब में क्या-क्या इंतजाम था

सेवन लेक तालाब में दो बड़े तालाब के साथ साथ पांच छोटे तालाब थे. तालाब में वोटिंग की व्यवस्था के साथ तालाब के बीचों बीच टापू था, जहां हिरण, भालू, खरगोश समेत जंगली जानवर रहते थे. तालाब के किनारे किनारे पर्यटकों के लिए बैठने की अच्छी व्यवस्था थी. साथ ही साथ बच्चों के खेलने की व्यवस्था के साथ साथ एक बड़ा पवन ऊर्जा का पंखा था जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हुआ करता था. लेकिन अब सब खत्म हो चुका है. दूर-दराज से लोग वोटिंग का आनदं लेने आते थे. सभी सात तलाब एक दूसरे से लोहे की पाइप के जरिये कनेक्टेड था लेकिन अब मात्र दो ही तालाब कनेक्टेड है.

क्या कहते हैं एफसीआईएल के अधिकारी

जब फैक्टरी चलता था तो यहां दिसंबर व जनवरी के महीने में पिकनिक मनाने दूर-दूर से लोग आते थे. लेकिन फैक्ट्री बंद होने के बाद इसके साफ सफाई की जिम्मेवारी धनबाद नगर निगम को दे दिया है. एफसीआईएल टैक्स तो भरता है लेकिन निगम के कर्मी छठ पूजा में एक तालाब की सफाई करवा कर छोड़ देते हैं. साथ ही अपनी मर्जी से सड़क निर्माण करवा देते हैं. जबकि धनबाद नगर निगम को सफाई के लिए पूरा पैसा जमा कर दिया जाता है.

देवदास अधिकारी, भू-संपदा अधिकारी, एफसीआईएल

क्या कहते हैं हर्ल के जीएम

एफसीआईएल अगर हमें पार्क वाली जगह देता है तो हमलोग फिर से पहले जैसे सेवन लेक तालाब को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित कर पुनर्जीवित कर सकते हैं.

सुरेश प्रमाणिक, जीएम, हर्ल

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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