Dhanbad News: दस वर्षों में पहली बार एसआइसीयू में रंग-रोगन, बदली जायेंंगी पुरानी मशीनें
Updated at : 28 Apr 2025 1:27 AM (IST)
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शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) जल्द ही बदले सूरत में दिखेगा. अस्पताल प्रबंधन ने विभिन्न विभागों के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया है.
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धनबाद.
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) जल्द ही बदले सूरत में दिखेगा. अस्पताल प्रबंधन ने विभिन्न विभागों के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया है. अस्पताल की नई टीम की देखरेख में सेंट्रल इमरजेंसी स्थित सर्जिकल इंटेंसिव केयर यूनिट (एसआइसीयू) की स्थापना के बाद पहली बार यहां रंग-रोगन कराया जा रहा है. यहां सफाई के साथ पेस्ट कंट्रोल भी कराया जा रहा है. पर्दे व अन्य सामान बदले जा चुके हैं. अब क्षतिग्रस्त बेड व पुरानी मशीनों को बदलने की योजना है. बता दें कि 2015 में एसएनएमएमसीएच के इमरजेंसी में एसआइसीयू की शुरुआत हुई थी. तब से अबतक यहां रंग-रोगन नहीं हुआ था. पिछले दस साल से यहां लगी मशीनों को भी बदला नहीं गया था. अब एसआइसीयू के साथ इमरजेंसी के मेल व फीमेल वार्ड में भी रंगाइ-पुताइ की जा रही है.15 साल बाद आइसीयू के जीर्णोद्धार की तैयारी
बता दें कि वर्ष 2004-05 में कोर्ट रोड स्थित सदर अस्पताल परिसर में संचालित पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (पीएमसीएच) वर्तमान में एसएनएमएमसीएच को सरायढेला में शिफ्ट किया गया था. तब यहां आइसीयू की शुरुआत हुई थी. तब से अबतक इसका जीर्णोद्धार नहीं किये जाने से आइसीयू की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती गयी. दीवारों का रंग भी उतर गया और मशीनें भी पुरानी हो गयीं. हालांकि बीच-बीच में जरूरत अनुसार मशीनें लायी गयीं. अब आइसीयू को अपग्रेड करने की कवायद शुरू की गयी है.माइनर ओटी को अपग्रेड करने के साथ बदले जा रहे वार्डों में लगे बेड
माइनर ओटी को अपग्रेड करने का काम भी शुरू हो गया है. इसके तहत माइनर ओटी में वर्षों पुराने क्षतिग्रस्त ओटी टेबल को बदलकर नया लगाया गया है. दवा, इंजेक्शन व चिकित्सीय उपकरण रखने के लिए मेडिसिन टूल व अन्य सामान लगाये गये हैं. इमरजेंसी के एसआइसीयू के साथ मेल व फीमेल वार्ड में जरूरत अनुसार हाइड्रोलिक बेड लगाये जा रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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