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धनबाद जज मौत मामले में सीबीआइ ने 2 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल, अधिकारियों ने किया ये बड़ा खुलासा

सीबीआइ की टीम ने धनबाद जज मौत मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. फिलहाल दोनों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं. अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और आरोप पत्र 90 दिनों के भीतर दायर किया गया है, ताकि ऐसा न हो कि दोनों आरोपियों को जमानत मिले

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
धनबाद जज मौत मामला : सीबीआइ ने 2 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल
धनबाद जज मौत मामला : सीबीआइ ने 2 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र किया दाखिल
फाइल फोटो.

धनबाद : सीबीआइ ने धनबाद के जज उत्तम आनंद की मौत के मामले में दो आरोपियों के खिलाफ बुधवार को आरोप पत्र दाखिल किया. सीबीआइ अधिकारियों ने यह जानकारी बुधवार को दी. सीबीआइ अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने ऑटो रिक्शा चालक लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. ये दोनों न्यायिक हिरासत में हैं.

49 वर्षीय न्यायाधीश उत्तम आनंद को 28 जुलाई को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास जॉगिंग करते समय एक ऑटो रिक्शा ने धक्का मार दिया था. उसके बाद झारखंड सरकार ने मामले को सीबीआइ को सौंपा था. सीबीआइ ने जांच के लिए अपने वरिष्ठ जांचकर्ता वीके शुक्ला के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम भेजी थी. शुक्ला को हाल में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ जांचकर्ताओं में से एक के रूप में सम्मानित किया गया है.

90 दिनों में चार्जशीट दाखिल :

अधिकारियों ने कहा कि जांच जारी है और आरोप पत्र 90 दिनों के भीतर दायर किया गया है, ताकि ऐसा न हो कि दोनों आरोपियों को जमानत मिल जाये. 11 अक्तूबर को दिल्ली से सीबीआइ की एक टीम ने ऑटो चालक लखन वर्मा और उसके साथी राहुल वर्मा को सीबीआइ के न्यायिक मजिस्ट्रेट और विशेष मजिस्ट्रेट अभिषेक श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया था. एजेंसी की दलील सुनने के बाद अदालत ने लखन और राहुल को न्यायिक हिरासत में धनबाद जेल भेज दिया था. सीबीआइ ने चार अक्तूबर को दोनों आरोपियों को तीसरी बार रिमांड पर लिया था.

आरोपी लगातार बदलते रहे बयान :

इस केस में सीबीआइ की मदद कर रहे विशेष पुलिस अधिकारी ने कहा कि दोनों आरोपी किसी पेशेवर अपराधी की तरह लगातार बयान बदलते रहे. झारखंड हाइकोर्ट ने कहा था कि सीबीआइ द्वारा पेश की गयी जांच रिपोर्ट अस्पष्ट है और उसने एजेंसी को इस मामले में अपनी जांच में अधिक विशिष्ट होने का आदेश दिया था.

Posted By : Sameer Oraon

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Published Date

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