Dhanbad News: केंदुआ गैस प्रभावित क्षेत्र का कोयला मंत्रालय की टीम ने किया निरीक्षण

Dhanbad News: चिल्ड्रेन पार्क में ड्रिलिंग के दौरान निकली सीओ गैस
Dhanbad News: नकेंदुआ. पीबी एरिया के गोपालीचक कोलियरी अंतर्गत केंदुआ स्थित गैस प्रभावित क्षेत्र का शनिवार को कोयला मंत्रालय की उच्चस्तरीय टीम ने दौरा किया. इस दौरान टीम के सदस्यों ने कुसुंडा एरिया के गेस्ट हाउस परिसर, केंदुआ चिल्ड्रेन पार्क समेत आसपास के अन्य गैस प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया. टीम में कोयला मंत्रालय के सीनियर एडवाइजर बीवी रेड्डी, कोयला मंत्रालय के ओएसडी आलोक कुमार और डायरेक्टर (टेक्निकल) वीरेंद्र कुमार ठाकुर शामिल थे. निरीक्षण के क्रम में मंत्रालय की टीम ने गैस प्रभावित क्षेत्रों में गैस की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर विशेषज्ञ वैज्ञानिकों की टीम से विस्तृत चर्चा की. वैज्ञानिकों ने क्षेत्र में जारी प्रयासों, गैस उत्सर्जन की तीव्रता और अब तक किये गये उपायों से टीम को अवगत कराया. केंदुआ के गैस प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद कोयला मंत्रालय की टीम करमाटांड़ के लिए रवाना हो गयी. निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल, डायरेक्टर (एचआर) मुरली कृष्ण रमैया, मुख्यालय जीएम (सेफ्टी) संजय कुमार सिंह, जीएम जीके मेहता, जीसी साहा, एजीएम एन. राय समेत आइएसएम, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (सीएमपीडीआइएल), पीएमआरसी के विशेषज्ञ वैज्ञानिक भी मौजूद थे.
15 मीटर ड्रिलिंग में टच हुई भूमिगत खदान की गैलरी :
इधर, केंदुआ चिल्ड्रन पार्क परिसर में सीएमपीडीआइएल की टीम ने पूर्व में किये गये सर्वेक्षण के आधार पर चिह्नित स्थान पर दूसरी ड्रिलिंग (बोरहोल) की. करीब 15 मीटर तक की ड्रिलिंग के दौरान भूमिगत खदान की गैलरी को टच किया गया, जिसके बाद बोरहोल से कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ) गैस निकलने लगी. गैस के रिसाव को देखते हुए ड्रिलिंग कार्य में लगे एमइसीएल के कर्मियों ने सुरक्षा के मद्देनजर ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर केसिंग का कार्य शुरू कर दिया. वैज्ञानिक सूत्रों के अनुसार चिल्ड्रन पार्क में किये गये बोरहोल से निकलने वाली गैस की मात्रा लगभग 2000 पीपीएम आंकी जा रही है. वहीं कुसुंडा एरिया के नाइट्रोजन फ्लशिंग किये गये क्षेत्रों में सीओ गैस की मात्रा में कुछ कमी दर्ज की गयी है. हालांकि गेस्ट हाउस से सटे धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग, केंदुआ नया धौड़ा, केंदुआ राजपूत बस्ती, केंदुआ पांच नंबर इमामबाड़ा मस्जिद पट्टी सहित आसपास के इलाकों में गैस की मात्रा बढ़ी हुई बतायी जा रही है. चिल्ड्रेन पार्क में किये गये नये बोरहोल में भी नाइट्रोजन फ्लशिंग की योजना पर वैज्ञानिकों की टीम गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि गैस के फैलाव को नियंत्रित किया जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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