Coal India News: बोनस पैटर्न में बदलाव की तैयारी में कोल इंडिया, यूनियन नेताओं का विरोध

कोयला यूनियन के साथ कोल इंडिया के अधिकारियों की हुई बैठक. फोटो : प्रभात खबर
Coal India News: कोल इंडिया बोनस पैटर्न में बदलाव की तैयारी में है. कोयला यूनियनों के नेताओं ने इसका जोरदार विरोध किया है.
Coal India News: कोल इंडिया की एपेक्स जेसीसी की बैठक गुरुवार को कोलकाता स्थित कंपनी मुख्यालय में हुई. अध्यक्षता चेयरमैन पीएम प्रसाद ने किया. इसमें कोल इंडिया प्रबंधन ने कोलकर्मियों के सालाना बोनस एक स्कीम के तहत प्रदान किये जाने का प्रस्ताव रखा. परंतु बैठक में उपस्थित सभी यूनियन नेताओं ने संबंधित प्रस्ताव को एक सिरे से खारिज करते हुए पूर्व की तरह बोनस पर फैसला लेने की बात कही.
सीपीआरएमएस फंड को मजबूत करने पर दिया जोर
इस दौरान कोलकर्मियों के पेंशन व सीपीआरएमएस फंड को मजबूत करने पर जोर दिया गया. साथ ही सरप्लस क्वार्टर व बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर चर्चा हुई. नेताओं ने एपेक्स जेसीसी की नियमित बैठक करने की बात कही. बता दें कि इससे पूर्व एपेक्स जेसीसी की पिछली बैठक 2022 में हुई थी. यूनियन नेताओं ने खदान दुर्घटना में मौत होने पर 25 लाख रुपया भुगतान का प्रस्ताव भी कोल इंडिया प्रबंधन के समक्ष रखा.
कोल इंडिया के चेयरमैन ने यूनियन नेताओं से इन मुद्दों पर की बात
इस पर कोल इंडिया के चेयरमैन श्री प्रसाद ने कोयला मंत्री से चर्चा के पश्चात निर्णय लेने की बात कही है. उन्होंने यूनियन नेताओं के साथ कोयला उत्पादन, उत्पादकता, प्रेषण, प्राप्ति और गुणवत्ता में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की. साथ ही संसाधन के उपयोग, खदानों की क्षमता, उपकरण, मानव संसाधन, लागत, अर्थव्यवस्था व लाभप्रदता को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गयी.
प्रबंधन की ओर से ये अधिकारी हुए शामिल
बैठक में प्रबंधन की ओर से कोल इंडिया डीपी विनय रंजन, डीटी डॉ बी वीरा रेड्डी उपस्थित थे. जबकि बीसीसीएल सह इसीएल सीएमडी समीरन दत्ता के अलावा अन्य सभी अनुषंगी कोल कंपनियों के सीएमडी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे. वहीं यूनियन नेताओं में बीएमएस से के लक्ष्मा रेड्डी, एचएमएस से नाथूलाल पांडे, एटक से रामेंद्र कुमार, सीटू से डीडी रामनंदन व सीएमओएआइ से सर्वेश सोनी आदि उपस्थित थे.
अधिकारियों की मृत्यु पर अब आश्रित पुत्र-पत्नी को मिलेगी नौकरी
कोल इंडिया निदेशक मंडल ने पांच जून 2024 को आयोजित अपनी 466 वीं बैठक में आश्रित/अनुकंपा रोजगार से संबंधित कॉमन कोल कैडर के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दे दी है. इसके मुताबिक कोयला अधिकारियों की मृत्यु की स्थिति में अब उनके जीवनसाथी (45 वर्ष से कम आयु के) को प्रतिपूरक नौकरी का विकल्प मिलेगा.
18 से 35 वर्ष से कम आयु के आश्रितों को अनुकंपा पर नौकरी
अधिकारियों के आश्रितों (18 वर्ष से अधिक या 35 वर्ष से कम आयु के) को अनुकंपा नौकरी दी जायेगी. भले ही अन्य आश्रित सदस्य सेवा में हों. यदि मृतक अधिकारियों के जीवनसाथी अनुकंपा रोजगार का विकल्प नहीं चुनते हैं, तो आश्रित पुत्र/पुत्री (18 वर्ष से कम आयु के) 18 वर्ष पूरे होने के बाद अनुकंपा नौकरी के लिए पात्र होंगे. उनके नाम लाइव रोस्टर में रखे जायेंगे.
कोल इंडिया की ओर से जारी कर दी गई है अधिसूचना
इस आलोक में गुरुवार को कोल इंडिया के उप महाप्रबंधक कार्मिक (सीपी) राजेश वी नायर के हस्ताक्षर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है. बता दें कि कोल इंडिया के मौजूदा प्रावधान के मुताबिक कोल अधिकारियों का यदि आश्रित पहले से ही सेवा में है, तो अतिरिक्त आश्रित के रोजगार पर विचार नहीं किया जाता है.
Also Read
कोल इंडिया ने 23 बंद खदानें निजी कंपनियों को आवंटित कीं
पेयजल को लेकर कोल इंडिया के एग्रीमेंट का भी नहीं होता है पालन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




