कोयले से सिंथेटिक गैस बनाने की दिशा में बड़ा कदम, कोल इंडिया-आर्सेलर मित्तल ने मिलाया हाथ
एमओयू पर चर्चा करते अधिकारी
कोल इंडिया और आर्सेलर मित्तल ने कोयला गैसीकरण के लिए समझौता किया है। पारादीप में सिंथेटिक गैस संयंत्र लगाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।
कोल इंडिया और आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एएमएनएस) ने कोयला गैसीकरण से बनने वाली सिंथेटिक गैस के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने के लिए आपस में करार किया है. दोनों कंपनियों के बीच 12 अगस्त को गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ. समझौते के तहत कोल इंडिया की ओर से एएमएनएस के पारादीप पैलेट संयंत्र के समीप या परिसर में कोयला गैसीकरण संयंत्र स्थापित करने की संभावना तलाशी जायेगी.
कोल से बनेगा सिंथेटिक गैस
प्रस्तावित परियोजना में कार्बन कैप्चर, उपयोग एवं भंडारण यानी कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण कर उसके उपयोग और भंडारण की तकनीक भी शामिल की जायेगी. कोल इंडिया देश में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार सक्रिय है.
इस तकनीक के जरिये कोयला से सिंथेटिक गैस तैयार की जाती है. इसका विभिन्न औद्योगिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है. एएमएनएस के साथ हुआ यह समझौता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. परियोजना की व्यवहार्यता का अध्ययन पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जायेगी.
पहले तकनीकी और व्यावसायिक पहलुओं की होगी जांच
समझौते के शुरुआती चरण में परियोजना की तकनीकी और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन किया जायेगा. साथ ही परियोजना को लागू करने के तौर-तरीकों का भी अध्ययन होगा. इसके आधार पर प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार की जायेगी.
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