Dhanbad News: सिंदरी के हर्ल प्लांट से बिना कागजात के लाखों का स्क्रैप निकाल कर बाजार में बेचता था गिरोह

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Dhanbad News: सिंदरी के हर्ल प्लांट से बिना कागजात के लाखों का स्क्रैप निकाल कर बाजार में बेचता था गिरोह

Dhanbad News: सिंदरी पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला, दो भेजे गये जेल

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Dhanbad News: सिंदरी स्थित हर्ल प्लांट में सक्रिय एक गिरोह बिना कागजात के लाखों रुपये का स्क्रैप प्लांट से निकाल कर बाजार में बेचता था. यह खुलासा शनिवार को सिंदरी पुलिस ने किया है. 27 मार्च की रात हर्ल प्लांट के मैटेरियल के गेट से पांच टन केबल लदा ट्रक जब्ती मामले की जांच के बाद पुलिस ने इस गिरोह का खुलासा किया है. सिंदरी थानेदार संजय कुमार ने यह खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में गिरफ्तार ट्रक चालक पवन राम व अभिषेक कुमार को पूछताछ के बाद शनिवार को धनबाद जेल भेजा गया है.

आरोपियों में हर्ल का स्टोर हेड मुकेश कुमार प्रजापति भी शामिल

सिंदरी थानेदार संजय कुमार ने बताया कि जांच के बाद हर्ल में सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. इस संबंध में सिंदरी थाना में ट्रक चालक पवन राम, स्क्रैप डीलर विक्की गुप्ता, फर्जी बिलिंग क्लर्क मनीष जायसवाल, हर्ल के स्टोर हेड मुकेश कुमार प्रजापति, पीडीआइएल के राजू गुप्ता, ट्रक मालिक, डिप्लेक्स स्टोर्स के इंचार्ज राजेश पांडेय, विक्की गुप्ता के स्टाफ पप्पू, अभिषेक कुमार व मेसर्स मां लक्ष्मी स्टील ट्रेडर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने गिरफ्तार चालक पवन राम औव अभिषेक कुमार को जेल भेज दिया. छापेमारी टीम में सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष सत्यम, सिंदरी थाना प्रभारी संजय कुमार, एसआइ सतीश महतो, एएसआइ उपेंद्र कुमार, संजीव तिवारी, शैलेस कुमार, हवलदार शंभु आदि शामिल थे.

आरोपियों पर होगी कानूनी कार्रवाई : एसडीपीओ

इस संबंध में सिंदरी एसडीपीओ आशुतोष कुमार सत्यम ने कहा कि हर्ल में अवैध रूप से चल रहे कार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जांच पड़ताल कर आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. क्षेत्र में किसी तरह का अवैध कार्य नहीं चलने दिया जायेगा.

प्लांट गेट से ट्रक बाहर निकलने के बाद हर्ल प्रबंधन की कोई जिम्मेदारी नहीं : प्रबंधक

इधर, हर्ल के प्रबंधक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जब्त ट्रक (डब्ल्यूबी 33 ई 0152) में जो स्क्रैप केबल लदा था, वह मेसर्स डिप्लेक्स कंपनी का था, जो कि हर्ल कंपनी का नहीं है. उन्होंने कहा है कि हर्ल प्लांट से सामान बाहर निकालने का एक स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया गया है. उसके अनुरूप स्क्रेप लदा ट्रक के कागजात उपयुक्त पाये जाने के उपरांत ही ट्रक को बाहर जाने दिया जाता है. प्लांट से ट्रक बाहर निकलने के बाद उसकी जिम्मेदारी हर्ल प्रबंधन की नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Om Prakash Rawani

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