42 डिसमिल सरकारी जमीन के हेरफेर की जांच, जमाबंदी रद्द करने की तैयारी
यह फोटो एआई से बनाई गई है
धनबाद के दुहाटांड़ में सरकारी जमीन को निजी नाम पर दर्ज करने के मामले में अंचल कार्यालय ने जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध जमाबंदी को रद्द करने की प्रक्रिया जारी है।
दुहाटांड़ मौजा की 42 डिसमिल सरकारी जमीन ऑनलाइन भू-अभिलेख में निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज है. इस मामले में धनबाद सदर अंचल कार्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है. सीओ ने एसी की ओर से जारी शो कॉज के जवाब में बताया है कि संदिग्ध जमाबंदी को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
इसके तहत रैयत-जमाबंदीदार निमाय कुमार चक्रवर्ती, पिता रघुपति चक्रवर्ती को बिहार भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 4(एच) के तहत नोटिस जारी किया गया है. संबंधित जमीन का पुराना खाता सं 39 और प्लॉट सं 577 है, जबकि वर्तमान अभिलेख में खाता सं 238 और प्लॉट सं 532 दर्ज है.
जांच रिपोर्ट के बाद खुला अभिलेख का पिटारा
अंचल कार्यालय के अनुसार, संबंधित जमीन की जांच रिपोर्ट आठ जून 2026 को जमा की गयी थी. झारभूमि पोर्टल के पंजी-दो में भाग-दो, वर्तमान-01, पृष्ठ सं 323 पर उक्त जमीन की जमाबंदी दर्ज पायी गयी. अभिलेखों की जांच में प्रविष्टि संदिग्ध पाये जाने के बाद 20 जुलाई 2026 को अभिलेख खोलकर कार्रवाई शुरू की गयी. सीआइ की जांच में भी जमीन के सरकारी होने की बात सामने आयी थी. इसके बाद जमाबंदी की वैधता की जांच को लेकर संबंधित दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं.
निजी नाम पर दर्ज होने की होगी जांच
अब अंचल कार्यालय ऑनलाइन भू-अभिलेख में दर्ज प्रविष्टि, जमाबंदी और लगान भुगतान से संबंधित अभिलेखों की जांच कर रहा है. साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि सरकारी जमीन की जमाबंदी निजी व्यक्ति के नाम पर कैसे दर्ज हुई और ऑनलाइन भू-अभिलेख में इसकी प्रविष्टि कैसे हुई. जांच के बाद संदिग्ध जमाबंदी को रद्द करने सहित कानूनी कार्रवाई की जायेगी. मामले में पुराने और वर्तमान खाता-प्लॉट के अभिलेख भी मिलाये जा रहे हैं, ताकि जमीन की वास्तविकता का पता चल सके.
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