ePaper

निरसा : वाणिज्यकर विभाग ने फ्रीज किये डीवीसी के बैंक खाते

Updated at : 30 Jan 2019 9:00 AM (IST)
विज्ञापन
निरसा : वाणिज्यकर विभाग ने फ्रीज किये डीवीसी के बैंक खाते

झारखंड स्थित एसबीआइ के अधिकतर खातों से लेनदेन पर रोक 74.11 करोड़ रुपये कमर्शियल टैक्स है बकाया निरसा/पंचेत/चंद्रपुरा : कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट के रांची साउथ सर्किल ने डीवीसी के झारखंड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के खातों को फ्रीज कर दिया है. मामला बकाया टैक्स से जुड़ा है. विभाग के सूत्रों ने बताया कि डीवीसी ने […]

विज्ञापन

झारखंड स्थित एसबीआइ के अधिकतर खातों से लेनदेन पर रोक

74.11 करोड़ रुपये कमर्शियल टैक्स है बकाया

निरसा/पंचेत/चंद्रपुरा : कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट के रांची साउथ सर्किल ने डीवीसी के झारखंड स्थित भारतीय स्टेट बैंक के खातों को फ्रीज कर दिया है. मामला बकाया टैक्स से जुड़ा है. विभाग के सूत्रों ने बताया कि डीवीसी ने आरइपी (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोग्राम) के तहत झारखंड क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में ग्रामीण विद्युतीकरण का कार्य किया था. इसका कार्यालय रांची में है.

कार्य के लिए खरीदे गये उपकरण का वाणिज्यिक टैक्स की 74 करोड़ 11 लाख रुपये राशि डीवीसी पर बकाया है. भुगतान में हो रही देरी को देख वाणिज्यकर विभाग ने झारखंड के कई शहरों में स्थित डीवीसी के स्टेट बैंक अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया है. मंगलवार को अकाउंट फ्रिज होने की जानकारी मिलने के बाद डीवीसी में हड़कंप मच गया. हर यूनिट में चर्चा छिड़ गयी. डीवीसी लेखा विभाग के अधिकारी मामले में कुछ भी बताने से बच रहे हैं.

कुमारधुबी स्थित बैंक खाता भी फ्रीज किया गया है. सीटीपीएस, चंद्रपुरा में अब तक कर्मचारियों के मासिक वेतन का पैसा नहीं आया है, इसलिए खाता फ्रीज होने की चिंता यहां के अधिकारियों में नहीं देखी गयी. डीवीसी के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डीएस सहाय ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है. झारखंड-बंगाल की सभी परियोजनाओं का अकाउंट फ्रीज नहीं हुआ है. विषय की जानकारी ली जा रही है.

कोर्ट की शरण में डीवीसी

डीवीसी समस्त अकाउंट फ्रीज होने की बात से इंकार कर रहा है. हालांकि मैथन-पंचेत का मैथन का अकाउंट भी फ्रीज हुआ है. सूत्र बताते हैं कि विभागीय आदेश पर एसबीआइ ने झारखंड क्षेत्र के डीवीसी के सभी खातों पर रोक लगा दी है. इसको ले डीवीसी ने रांची उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. हाइकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई भी होनी थी.

नाम नहीं छापने की शर्त पर डीवीसी के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग का 74 करोड़ 11 लाख का बकाया न्याय संगत नहीं है. अकाउंट में कुछ गलती जरूर हुई है. सभी प्रोजेक्ट्स का अलग-अलग अकाउंट है. पहले से ही आर्थिक संकट झेल रहे डीवीसी को अकाउंट फ्रीज होने से दोहरी मार झेलनी पड़ेगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola