जीएसटी की चोरी, एक माह में 74 ट्रक माल पकड़ाया

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धनबाद : तू डाल-डाल, मैं पात-पात वाली कहावत इन दिनों धनबाद में चरितार्थ हो रही है. एक तरफ सरकार नियम पर नियम बना रही है और ट्रेडर्स उसकी तोड़ पर तोड़ निकाल रहे हैं. एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ. लगभग नौ माह तक लगभग ट्रेडर्स परमिट के नाम पर खूब टैक्स की चोरी […]

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धनबाद : तू डाल-डाल, मैं पात-पात वाली कहावत इन दिनों धनबाद में चरितार्थ हो रही है. एक तरफ सरकार नियम पर नियम बना रही है और ट्रेडर्स उसकी तोड़ पर तोड़ निकाल रहे हैं. एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू हुआ. लगभग नौ माह तक लगभग ट्रेडर्स परमिट के नाम पर खूब टैक्स की चोरी की.
एक अप्रैल से ई वे बिल लागू हुआ है. ट्रेडर्स ने इसका भी तोड़ निकाल लिया. ट्रेडर्स, ई वे बिल तो निकाल रहे हैं, लेकिन सामान का वैल्यू पांच से दस प्रतिशत ही रख रहे हैं. पिछले दिनों राज्य कर की टीम की जांच में यह मामला सामने आया. राज्य कर विभाग ने पिछले एक माह में 2013 वाहनों की जांच की. इसमें 74 ट्रकों के सामान में अनियमितता पकड़ी. 27 लाख 67 हजार टैक्स वसूले. धनबाद में कुछ जगहों पर आज भी बिना कागजात के माल मंगाये जा रहे हैं. ऐसी बात नहीं कि राज्य कर विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है. साठगांठ से यह खेल चल रहा है.
ई वे बिल में अंडर वेल्यू का खेल : इन दिनों ई वे बिल में अंडर वैल्यू का खेल खूब चल रहा है. ट्रक में पांच लाख का सामान है. ट्रेडर्स उस माल का ई वे बिल मात्र साठ से सत्तर हजार ही निकाल रहे हैं. अगर विभागीय जांच नहीं हुई तो माल गंतव्य स्थान पर पहुंच जाता है. अगर रास्ते में जांच हो गयी तो सेटिंग-गेटिंग से बात बन गयी तो ठीक है अन्यथा पूरे माल का वैल्यू निकाला जाता है और टैक्स का दो गुणा जुर्माना के साथ टैक्स लिया जाता है. पिछले दिनों बरवाअड्डा थाना में कुछ ट्रकों को पकड़ा गया था, जांच में उपरोक्त मामले सामने आये.
30 प्रतिशत तक घट गया टैक्स : जीएसटी लागू होने के बाद व्यवसायियों की तो बल्ले-बल्ले हो गये हैं. परमिट के नाम पर नौ माह तक ट्रेडर्स ने खूब टैक्स की चोरी की. अब ई वे बिल में अंडर वैल्यू का खेल चल रहा है. लिहाजा पिछले साल से तीस से चालीस प्रतिशत टैक्स में गिरावट आयी है.
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