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बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : घनश्याम

Updated at : 14 Apr 2025 8:52 PM (IST)
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बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत : घनश्याम

जयंती पर सामाजिक कर्मियों ने आंबेडकर को किया याद

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मधुपुर. शहर के बावनबीघा स्थित संवाद परिसर में सोमवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135 वीं जयंती मनायी गयी. इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. मौके पर वरिष्ठ समाज कर्मी घनश्याम ने कहा बाबा साहेब ने वर्ष 1949 में कहा था हम राजनीतिक आजादी को अमली जामा पहना रहे हैं, लेकिन हम एक बड़े द्वंद्व की ओर जा रहे हैं. सत्ता पर काबिज रहने वाले लोग और वंचितों के बीच संघर्ष बढ़ेगा. आर्थिक और सामाजिक आजादी की बात आगे नहीं बढ़ी जो बाबा साहेब चाहते थे. यह आज बड़ी चुनौती है. देश को आर्थिक गुलामी की और धकेला जा रहा है. आर्थिक विषमता आज काफी बढ़ गयी है. आज भी समाज में जातीय विषमता है. धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र नहीं बन पाया. हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना होगा. आज गांधी और आंबेडकर के विचारों को साथ लेकर चलने की जरूरत है. कुछ लोग इनके विचारों के बीच भी मतभेद फैला रहे हैं. मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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