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संताल की इन पांच विधानसभा सीटों पर नहीं है एक भी महिला प्रत्याशी, पुराने चेहरे ही पुरुषों को दे रहे टक्कर

Updated at : 16 Nov 2024 10:16 AM (IST)
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women candidates in santhal pragana sita soren and lois marandi

sita soren, lois marandi, dipika pandey singh, nishat alam

Jharkhand Election 2024 : एक तरफ आधी आबादी को प्रतिनिधित्व देने की बात होती है तो वहीं दूसरी ओर संताल परगना की 5 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां पर एक भी महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में नहीं है.

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Women Candidates In Jharkhand Election 2024 : संताल की 18 सीटों में से पांच विधानसभा सीट पर एक भी महिला प्रत्याशी नहीं हैं. सबसे अधिक 5 महिला प्रत्याशी जामा में हैं. वहीं जरमुंडी, शिकारीपाड़ा, बरहेट, लिट्टीपाड़ा और सारठ में दो-दो महिला प्रत्याशी हैं. इनके अलावा दुमका, बोरियो, महागामा, जामताड़ा, पाकुड़ और मधुपुर में एक-एक महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं.

दिग्गज है संताल के रण में

18 विधानसभा सीटों पर 21 महिला प्रत्याशी आधी आबादी की ओर से चुनाव मैदान में हैं. इनमें सीता सोरेन, डॉ लुइस मरांडी, दीपिका पांडेय सिंह और निशात आलम विधानसभा चुनाव में पुरुष प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं. आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली इन चारों महिला प्रत्याशियों का सीधा मुकाबला पुरुष प्रत्याशियों से है. जामा में डॉ लुइस का सीधा मुकाबला भाजपा के सुरेश मुर्मू से है. महागामा में जहां कांग्रेस की दीपिका की टक्कर भाजपा के अशोक भगत से है, वहीं जामताड़ा में भाजपा की सीता का मुकाबला कांग्रेस के डॉ इरफान से है, जबकि पाकुड़ विधानसभा में कांग्रेस की निशात आलम की टक्कर आजसू के अजहर इस्लाम और सपा के अकिल अख्तर से है. इन सभी महिला प्रत्याशियों के अलावा 17 अन्य महिलाएं भी चुनाव लड़ रही हैं, अपने अपने इलाके में अच्छा खासा प्रभाव रखती हैं.

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21 में दो महिला प्रत्याशी रह चुकी हैं झारखंड सरकार में मंत्री

संताल परगना में सीता सोरेन, दीपिका पांडेय सिंह और डॉ लुइस मरांडी कद्दावर महिला नेताओं में जानी जाती हैं. सीता सोरेन स्व दुर्गा सोरेन की पत्नी और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की बहू हैं. इसलिए उनका अलग राजनीतिक कद है. जामा से उन्होंने विधायकी में हैट्रिक लगाया है. वहीं दीपिका पांडेय सिंह का पारिवारिक बैकग्राउंड मजबूत रहा है. दीपिका के ससुर अवध बिहारी सिंह कई टर्म महागामा के विधायक रहे, बिहार सरकार में मंत्री भी रहे. दीपिका खुद विधायक और हेमंत सरकार में मंत्री रही हैं. जबकि डॉ लुइस मरांडी की बात करें तो उनका कद काफी ऊंचा रहा है. भाजपा संगठन में बड़े पदों पर रहीं. दुमका से विधायक रहीं, रघुवर सरकार में मंत्री भी रहीं. उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन को 2014 में हराया था. अब झामुमो में हैं और दुमका छोड़ जामा से चुनाव लड़ रही हैं. पाकुृड़ से कांग्रेस की प्रत्याशी निशात आलम अभी-अभी राजनीति में आयी हैं. ये अपने पति आलमगीर आलम के बैकग्राउंड से चुनाव मैदान में हैं.

कहां से कौन-कौन महिला प्रत्याशी

21 महिला प्रत्याशी संताल में चुनावी मैदान में हैं. इनमें मधुपुर से देवकी देवी (निर्दलीय), सारठ से सीपीआइ की छाया कोल और पिंकी कुमारी(निर्दलीय), लिट्टीपाड़ा से प्रमिला मरांडी और मुन्नी हांसदा (निर्दलीय), पाकुड़ से निशात आलम (कांग्रेस), जामताड़ा से सीता सोरेन (भाजपा) , महागामा से दीपिका पांडेय सिंह (कांग्रेस), जामा से डॉ लुइस मरांडी (झामुमो), निर्दलीय : फोलिना मुर्मू, मीनू मरांडी, विमला मुर्मू और बीनू बेरोनिका, शिकारीपाड़ा से प्रमिला मरांडी, सुशांति हेंब्रम-निर्दलीय, दुमका-सोना मुर्मू ( निर्दलीय) , जरमुंडी से जुली यादव और ममता वर्मा ( निर्दलीय), बोरियो से रंजो कुमारी ( निर्दलीय), बरहेट से रानी हांसदा और रोशनी मुर्मू( निर्दलीय) हैं.

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Kunal Kishore

लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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