ePaper

HDFC बैंक डकैती मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली, 2 से पूछताछ जारी

Updated at : 24 Sep 2025 10:13 PM (IST)
विज्ञापन
HDFC Bank Loot Case Madhupur News

इसी बैंक की शाखा में हुई थी लूट. फोटो : प्रभात खबर

HDFC Bank Loot Case: एचडीएफसी बैंक लूट मामले में मधुपुर पुलिस की टीम तीसरे दिन भी बैंक, बाजार, गली मोहल्ले में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालती रही. बैंक समेत कई स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस को परेशानी हो रही है. अपराधियों ने भागने के दौरान जिस रास्ते का प्रयोग किया, उस रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी देखा जा रहा है.

विज्ञापन

HDFC Bank Loot Case: देवघर जिले के मधुपुर के राजबाड़ी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक से 4 करोड़ से अधिक की डकैती की घटना के 3 दिन बाद भी पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं मिल पाया है. पुलिस ने मधुपुर के जमुनियाटांड़ व नावाहार से एक-एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. दोनों से गोपनीय स्थान पुलिस पूछताछ कर रही है. घटना के बाद गठित एसआइटी की टीम लगातार मामले की जांच कर रही है.

पुलिस ने 2 बार किया एचडीएफसी बैंक का दौरा

बुधवार को भी एसआइटी टीम के सदस्य मधुपुर एसडीपीओ सत्येंद्र प्रसाद, सारठ एसडीपीओ रंजीत कुमार लकड़ा और देवघर हेडक्वार्टर डीएसपी वेंकटेश कुमार ने एचडीएफसी बैंक पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की. पुलिस की टीम दिन में 2 बार बैंक पहुंची और अधिकारियों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की.

HDFC Bank Loot Case: टेक्निकल टीम भी ढूंढ़ रही सुराग

अनुसंधान में मधुपुर थाने की पुलिस टीम के अलावा टेक्निकल टीम लगातार सुराग ढूंढ़ने के प्रयास में लगी है. पुलिस अधिकारी प्रत्येक बिंदु की गहनता से जांच पड़ताल कर रहे हैं. कांड का उदभेदन के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम दिन-रात लगी हुई है. बिहार, झारखंड के कई जिलों के पुलिस कप्तान को भी सीसीटीवी से बरामद फुटेज को भेजकर सहयोग लिया जा रहा है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

डकैतों ने फोन का इस्तेमाल किया या नहीं, इसकी भी हो रही जांच

घटना के समय व भागने के दौरान डकैतों ने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है या नहीं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है. तकनीकी सेल लगातार अपने कार्य में लगा है. हालांकि, अपराधियों द्वारा नेट कॉलिंग के माध्यम से भी आपस में जुड़े रहने की आशंका जतायी जा रही है. इसके लिए राउटर कs भी प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

तीसरे दिन भी सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही पुलिस की टीम

पुलिस की टीम तीसरे दिन भी बैंक, बाजार, गली मोहल्ले में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालती रही. बैंक समेत कई स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस को परेशानी हो रही है. अपराधियों ने भागने के दौरान जिस रास्ते का प्रयोग किया, उस रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज को भी देखा जा रहा है.

बुढ़ई, मारगोमुंडा व बेंगाबाद थाना पुलिस की ली जा रही मदद

इसके लिए मधुपुर के अलावा बुढैई, मारगोमुंडा और गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना समेत कई थानों की पुलिस से सहयोग ली जा रही है. वहीं, जिन सुनसान गलियों का इस्तेमाल अपराधियों ने भागने के लिए किया है, इससे आशंका जतायी जा रही है कि अपराधियों का लोकल लिंक है. घटना के संबंध में पुलिस अधिकारी बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं.

इसे भी पढ़ें

आंध्रप्रदेश में बंधक बनाकर रखे गये बोकारो के 13 श्रमिकों को छुड़ाकर लाया जा रहा झारखंड

सारंडा को वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी घोषित करने का मामला मंत्री समूह को भेजेगी हेमंत सोरेन सरकार

कैबिनेट का फैसला : एमजीएम का एक हिस्सा ढहने से हुई थी 4 लोगों की मौत, मिलेगा 5-5 लाख रुपए मुआवजा

मोदी सरकार की झारखंड को बड़ी सौगात : तिलैया-राजगीर-बख्तियारपुर रेल लाइन का होगा दोहरीकरण

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola