सहायक अभियंता ने बताया कि पीएचइडी का यांत्रिक प्रभाग परिचालन में उनका तकनीकी सहयोग करता आ रहा है. यही वजह है कि श्रावणी मेला 2016 में समुचित जलापूर्ति भी यांत्रिक प्रभाग की तत्परता दिखाये जाने के कारण ही संभव हो सका. श्रावणी मेला के दौरान यांत्रिक प्रभाग की अोर से कराये गये 52 लाख रुपये के कार्यों में से निगम द्वारा 22 लाख रुपये का भुगतान भी अब तक लंबित है. देवघर शहर में जल संयोजन व जल कर की राशि भी नगर निगम की अोर से वसूली जाती है. कनेक्शन भी निगम ही देता है.
मरम्मत व संपोषण मद में विभाग द्वारा यांत्रिक प्रभाग को कोई भी निधि उपलब्ध नहीं कराया गया है. ऐसे में नगर निगम अपनी विफलता छिपाने के लिए यांत्रिक प्रभाग पर दोषारोपण कर रहा है, जो सही नहीं है. यांत्रिक प्रभाग द्वारा समय-समय पर जो तकनीकी जानकारी उपलब्ध करायी जाती है, निगम की अोर से उसकी भी अनदेखी की जाती है. बतातें चलें कि विभाग के प्रधान सचिव व अभियंता प्रमुख के निर्देशानुसार अब मैकेनिकल विंग निगम को सपोर्ट नहीं कर सकेगा. दो माह तक निगम वाटर सप्लाई केंद्र में अनुबंध पर या स्थायी तौर पर अभियंता व कर्मी की नियुक्ति कर ले, नहीं तो दो माह बाद मैकेनिकल विंग जलापूर्ति कार्य में किसी तरह का सहयोग नहीं कर सकेगा.

