झारखंड की राजनीति का फ्लैश बैक : देवघर विधानसभा सीट से बने हैं सामान्य जाति के तीन विधायक

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संजीत मंडल देवघर : देवघर विधानसभा सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है. 1951 में हुए विधानसभा चुनाव में देवघर सामान्य सीट थी. फारवर्ड ब्लॉक के भुवनेश्वर पांडेय देवघर के पहले विधायक बने. 1957 के चुनाव में देवघर से दो विधायकों का प्रावधान हो गया. एक सामान्य वर्ग और दूसरा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. […]

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संजीत मंडल
देवघर : देवघर विधानसभा सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है. 1951 में हुए विधानसभा चुनाव में देवघर सामान्य सीट थी. फारवर्ड ब्लॉक के भुवनेश्वर पांडेय देवघर के पहले विधायक बने. 1957 के चुनाव में देवघर से दो विधायकों का प्रावधान हो गया. एक सामान्य वर्ग और दूसरा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. इस चुनाव में सामान्य जाति से शैलबाला राय और अनुसूचित जाति से मंगूलाल दास चुनाव जीते थे. 1962 के चुनाव में देवघर को दो विधानसभा सीट में बांट दिया गया. देवघर और मधुपुर. मधुपुर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गयी और देवघर सीट सामान्य हो गयी. तब देवघर से कांग्रेस की शैलबाला राय विधायक बनी. जबकि, मधुपुर (एससी) सीट से एसडब्ल्यूए पार्टी के छट्ठू तुरी चुनाव जीते.
अब तक तीन सामान्य व 12 एससी विधायक बने : देवघर सीट से 1951 से 2014 तक सामान्य जाति के तीन प्रत्याशी विधानसभा पहुंचे. दो बार शैलबाला राय और एक बार भुवनेश्वर पांडेय देवघर के विधायक बने. वहीं, अब तक हुए 15 विधानसभा चुनाव में देवघर से अनुसूचित जाति के 12 विधायक चुने गये हैं.
1967 से आरक्षित हो गयी देवघर सीट
1951 में सामान्य, 1957 में सामान्य और आरक्षित (दोनों) और 1962 में देवघर विधानसभा सीट फिर से सामान्य हो गयी. लेकिन, 1967 में देवघर सीट फिर से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गयी. आज तक यह आरक्षित ही है. दूसरी ओर, मधुपुर विधानसभा सीट 1967 में आरक्षित से सामान्य सीट हो गयी. मधुपुर अब भी सामान्य सीट है.

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