नगर निगम के पास तीन मशीनें, खर्च बचाने के लिए एक ही मशीन से निगम क्षेत्र में करायी जा रही फॉगिंग

Updated at : 07 Nov 2019 9:02 AM (IST)
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नगर निगम के पास तीन मशीनें, खर्च बचाने के लिए एक ही मशीन से निगम क्षेत्र में करायी जा रही फॉगिंग

देवघर : शहर में आये दिन डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के संभावित मरीज सदर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इसके बाद भी डेंगू की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम फेल साबित हो रहा है. नगर निगम की उदासीनता के कारण क्षेत्र के कई इलाकों में गंदगी व जलजमाव हैं. नगर […]

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देवघर : शहर में आये दिन डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के संभावित मरीज सदर अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इसके बाद भी डेंगू की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम फेल साबित हो रहा है. नगर निगम की उदासीनता के कारण क्षेत्र के कई इलाकों में गंदगी व जलजमाव हैं.

नगर निगम की ओर से सफाई के दावे के बावजूद डेंगू व मलेरिया के मरीजों का मिलना कहीं न कहीं निगम के दावों की हकीकत बताता है. अबतक देवघर सदर अस्पताल में डेंगू के 37 संभावित मरीज भर्ती हो चुके हैं. इसके बावजूद निगम क्षेत्र में अभियान चलाकर सफाई नहीं की जा रही है.
शहर में जगह-जगह पसरी है गंदगी
सदर अस्पताल रोड, बायपास सड़क में कई जगहों पर, बाजला कॉलेज के आसपास, जसीडीह बाजार समेत निगम क्षेत्र में कई जगह कचरा पसरा रहता है.
जिस कारण मच्छरों का पनपना जारी है. सड़कों पर झाड़ू तो लग रही है, लेकिन कई जगहों पर बजबजा रही नालियों, सड़ांध मारते कचरे को हटाने पर किसी का ध्यान नहीं है. निगम क्षेत्र के आसपास कई खाली प्लाॅट पर जलजमाव है. जहां मलेरिया और डेंगू के मच्छर पनपते रहते हैं. अगर अब भी खर्च बचाना छोड़कर लोगों को परेशानी से निजात दिलाने की जरूरत है.
एक घंटे की फॉगिंग में नौ हजार तक होते हैं खर्च निगम का दावा: एक मशीन से हर मोहल्ले में कर रहे फॉगिंग
नगर निगम को फाॅगिंग मशीन का उपयोग करने में काफी खर्च करने पड़ते हैं. यही कारण है कि निगम की ओर से प्रतिदिन सभी इलाके में फाॅगिंग नहीं किया जाता है.
फॉगिंग मशीन संचालक अजय कुमार ने बताया कि यदि फॉगिंग मशिन को चलाते हैं तो एक घंटे में 60 लीटर डीजल, चार लीटर पेट्रोल तथा 750 ग्राम केमिकल की खपत होती है. जिसमें करीब आठ से नौ हजार रुपये खर्च पड़ते हैं. ऐसे में प्रतिदिन सभी क्षेत्रों में फॉगिंग करान संभव नहीं हो सकता है. एक-एक मुहल्ले में फॉगिंग की जाती है.
स्वास्थ्य विभाग पर भी है जिम्मेदारी क्षेत्र में नहीं हो रहा पर्याप्त छिड़काव
डेंगू के संभावित मरीज मिलने पर उस इलाकों में डेंगू व मलेरिया का जांचा अभियान चलाने व वहां पर छिड़काव करने की जिम्मेदारी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीम का भी गठन किया गया है. स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इलाकों में जांच अभियान चलाकर डेंगू या मलेरया का लार्वा मिलने पर छिड़काव किया जाता है. लेकिन, हकीकत यह है कि डेंगू की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग भी खानापूर्ति करता नजर आ रहा है.
दिखावे के लिए निगम के पास है दो अतिरिक्त फॉगिंग मशीनें
नगर निगम की ओर से लाखों की लागत से तीन फॉगिंग मशीनें खरीदी गयी. जिसमें फिलहाल एक ही कारगर है. दो फॉगिंग मशीन दिखावे के लिए निगम के पास रखा हुई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निगम की ओर से क्षेत्र में फॉगिंग कराना है. इधर, निगम के अधिकारी बताते हैं कि एक मशीन से फॉगिंग की जा रही है.
निगम की आय के अनुसार अलग- अलग जगहों पर कराते हैं फॉगिंग
फॉगिंग करने में काफी खर्च होता है, दो घंटे में करीब 14 हजार रुपये खर्च आता है. इसके लिए निगम की आय के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में फॉगिंग की जाती है. ताकि डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छरों को मारा जा सके.
अशेक कुमार सिंह, नगर आयुक्त, देवघर नगर निगम
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