बच्चे की मौत के बाद प्राइवेट क्लिनिक में हंगामा, लापरवाही का लगाया आरोप
Updated at : 30 Aug 2019 2:56 AM (IST)
विज्ञापन

लापरवाही : चार दिन पहले इलाज कर किया गया था डिस्चार्ज देवघर : नवजात बच्चे की मौत के बाद सुभाष चौक के समीप शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप कुमार झा के क्लिनिक में परिजनों ने हंगामा किया. हंगामा की सूचना पर नगर थाने के एएसआइ शिवशंकर प्रसाद, महिला थाने के एएसआइ आशा झा पुलिस बलों […]
विज्ञापन
लापरवाही : चार दिन पहले इलाज कर किया गया था डिस्चार्ज
देवघर : नवजात बच्चे की मौत के बाद सुभाष चौक के समीप शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप कुमार झा के क्लिनिक में परिजनों ने हंगामा किया. हंगामा की सूचना पर नगर थाने के एएसआइ शिवशंकर प्रसाद, महिला थाने के एएसआइ आशा झा पुलिस बलों के साथ मौके पर पहुंचे और उनलोगों को शांत कराया.
मामले को लेकर बिहार अंतर्गत भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र अंतर्गत कोदंडा निवासी आशीष कुमार सिंह ने नगर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है. आशीष ने लिखा है कि 12 अगस्त को जमुई के डॉ सूर्यनंदन सिंह के क्लिनिक में उसकी पत्नी को बच्चा हुआ, जिसे गंभीर हालत में वहां से रेफर कर दिया गया. यहां डॉ प्रदीप के क्लिनिक में भर्ती कर इलाज कराया गया. 25 अगस्त को डॉ प्रदीप द्वारा डिस्चार्ज किये जाने पर करनीबाग स्थित अपने संबंधी के घर रखा. डॉक्टर के क्लिनिक में लाकर बच्चे को इंजेक्शन दिलाता था.
27 अगस्त को बुखार आया, तो लाकर दिखाया. सुबह करीब 6:30 बजे बच्चे के मुंह से झाग निकलने लगा, तो दौड़कर डॉक्टर के क्लिनिक में लाया. यहां कंपाउंडर ने इमरजेंसी फीस 500 रुपये मांगा और कहा कि फीस देने के बाद ही वह डॉक्टर को बुलायेगा. इसके बाद वह दूसरे डॉक्टर के पास जाने के लिए निकला ही था कि खुद डॉ प्रदीप ने कॉल कर बुला लिया. वहां आने पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया. आशीष का आरोप है कि डॉक्टर व कंपाउंडर की लापरवाही से ही उसके बच्चे की मौत हो गयी. मामले में उसने नगर थाना प्रभारी से कार्रवाई की मांग की है.
इधर, डॉ प्रदीप कुमार झा ने बताया कि पांच दिन पूर्व इस बच्चे का इलाज कर डिस्चार्ज किये थे. बच्चे के दिल में छेद था, बावजूद बच्चा स्वस्थ था. मां का दूध पी रहा था और बिना ऑक्सीजन के रह रहा था. इस बीच परिजनों ने अन्य दो डॉक्टरों से भी सलाह ली. सुबह में बच्चे को मृत लाया गया. कंपाउंडर ने देखकर उन्हें कॉल किया, तब तक परिजन निकल गये थे. दोबारा उनलोगों को कॉल कर बुलाया. आने पर बच्चे को मृत देखा. इसके बाद परिजन बेवजह हंगामा करने लगे. मामले में नगर थाना प्रभारी विक्रम प्रताप सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने आपस में मामला सलटा लिया और शिकायतकर्ता ने केस नहीं करने का आग्रह किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




