श्वेत क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा झारखंड : रणधीर सिंह
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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कृषि मंत्री से साक्षात्कार सारठ बाजार : झारखंड सरकार के एक हजार दिन पूरे हो गये हैं. सरकार की ओर से सूबे में विकास के कई काम किये गये हैं. हमने बात की सूबे के कृषि मंत्री रणधीर सिंह से. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश : सवाल : सरकार ने एक हजार दिन पूरे […]
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कृषि मंत्री से साक्षात्कार
सारठ बाजार : झारखंड सरकार के एक हजार दिन पूरे हो गये हैं. सरकार की ओर से सूबे में विकास के कई काम किये गये हैं. हमने बात की सूबे के कृषि मंत्री रणधीर सिंह से. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश :
सवाल : सरकार ने एक हजार दिन पूरे कर लिये हैं. इसकी बधाई. इन एक हजार दिनों में राज्य के किसानों के लिए आपने कौन-कौन से काम किये ?
जवाब : राज्य बनने के बाद जनता ने अस्थिरता को झेला है. अब राज्य में एक स्थिर और मजबूत सरकार है. इन एक हजार दिनों में कृषि निगम की स्थापना की गयी. राज्य के 23 हजार किसानों के बीच पंप सेट वितरित किये गये. किसानों को दूध उत्पादन के क्षेत्र में रोजगार और राज्य में श्वेत क्रांति लाने के लिए रांची में एक लाख लीटर और देवघर, साहेबगंज व पलामू जिलों में 50 हजार क्षमता दूध प्रोसेसिंग प्लांट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है. झारखंड को डेयरी प्लांट से जोड़ा गया है. झारखंड श्वेत क्रांति की ओर अग्रसर है. 15 जिलों में 54 मिल्क शेड बनाये गये हैं.
सवाल : प्रधानमंत्री फसल बीमा में देश में प्रथम स्थान मिला, लेकिन यहां के किसानों की स्थिति में बदलाव कैसे संभव है?
जवाब : प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए जो लक्ष्य दिया गया था उसे सभी पदाधिकारियों व कर्मियों के ने पूरा किया. राज्य में 16 लाख किसानों का फसल बीमा किया गया. साथ ही स्वायल हेल्थ कार्ड में भी झारखंड पूरे देश में प्रथम स्थान पर है. किसानों को रोजगार के क्षेत्र के आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है. इसके लिए देश में सर्वप्रथम झारखंड में सिंगल विंडो सिस्टम की स्थापना की गयी. उन्होंने कहा कि दूध व मछली उत्पादन के माध्यम से किसानों को रोजगार मिल रहा है. वर्तमान समय में राज्य में एक लाख 45 हजार मैट्रिक टन मछली का उत्पादन किया जा रहा है. जिसे बढ़ा कर इसी वर्ष 2.25 लाख मैट्रिक टन करने की योजना है. इसके अलावा 1055 बीज ग्राम व 14 कोल्ड स्टोरेज की स्वीकृति प्रदान की गयी है.
सवाल : और किन किन योजनाओं को सरकार ने मंजूरी दी है?
जवाब : गोड्डा में राज्य का दूसरा कृषि विश्वविद्यालय और कोे-ऑपरेटिप बैंक की 137 नयी शाखाएं खोलने की स्वीकृति दी गयी है. इसके अलावा 852 पैक्सों को रिटेल खाद बेचने का लाइसेंस दिया गया है. साथ ही 850 पैक्स गोदामों के निर्माण के लिए सरकार ने 140 करोड़ रुपये दिये गये हैं. बाजार समिति के एक प्रतिशत टैक्स को भी समाप्त कर दिया गया है. साथ ही पैक्सों को डिजिटल बनाने के लिए सभी पैक्सों में कंप्यूटर लगाने की व्यवस्था की जा रही है.
सवाल : दूध और मछली के क्षेत्र में किसानों को कैसे प्रशिक्षित करेंगे?
जवाब : इसके लिए पशुधन मित्र व मत्स्य मित्रों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो गांव स्तर पर किसानों को रोजगार को बढ़ाने की जानकारी देंगे. वहीं, एक हजार बैंक मित्रों की भी नियुक्ति की जाने की योजना पर सरकार काम कर रही है. जैविक खाद को बढ़ावा दिया जा रहा है. वेद व्यास योजना के तहत मछुआरों के लिए आवास निर्माण करवाये जा रहे हैं. एक हजार महिला सखी मंडल के बीच पावर टेलर वितरित किये गये हैं. किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान हेल्प-लाइन नंबर की शुरुआत की गयी है. किसानों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष भी बनाया गया है. मत्स्य पालन को कृषि का दर्ज दिया गया है.
सवाल : कृषि के क्षेत्र में युवाओं को शिक्षा के लिए आपने क्या पहल की है?
जवाब : राज्य में पांच कृषि महाविद्यालय प्रारंभ किये गये हैं. कृषि महाविद्यालय देवघर, डेयरी महाविद्यालय हंसडीहा, कृषि महाविद्यालय गोड्डा, फिशरीज महाविद्यालय गुमला, कृषि महाविद्यालय गढ़वा को चालू करवाया गया, जो बिरसा कृषि महाविद्यालय के अंतर्गत रहेगा.
सवाल : आपके विभाग की मुख्य उपलब्धियां संक्षेप में बतायें.
जवाब : 78 सिंगल विंडो सेंटर कार्यरत हैं तथा एक हजार स्थापना की प्रक्रिया में हैं. 2016-17 में तीन लाख क्विंटल धान उत्पादन किया गया. राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड कृषि जागृति अभियान चलाये गये. 72000 डोभा का निर्माण, 90 प्रतिशत अनुदान पर 26000 दुधारू गायों का वितरण, 15 जिलों में 54 मिल्क रूट का गठन, 8000 सखी मंडल के माध्यम से कुक्कुट, सूकर पालन तथा बकरी पालन, 3.50 लाख केसीसी कार्ड में वृद्धि कर 12.73 लाख रुपे कार्ड का वितरण, 7 जिलों में केंद्रीय सहकारी बैंकों को मिला कर एकल झारखंड राज्य सहकारी बैंक का गठन.
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