पहल: जामताड़ा व देवघर में है विशाल भंडार, सर्वे में जुटा खान एवं भूतत्व विभाग, संताल में क्वार्ट्ज का होगा उत्खनन
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दुमका: संताल परगना में लघु खनिज की प्रचुर उपलब्धता है. उसका उत्खनन कर सरकार अब अपना राजस्व बढ़ाने की योजना बना रही है. इसके लिए उन सभी चिह्नित स्थलों का गहन सर्वे कराया जा रहा है, जहां धरती के नीचे ऐसे खनिजों का विशाल भंडार दबा पड़ा है. खान एवं भूतत्व विभाग से मिली जानकारी […]
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दुमका: संताल परगना में लघु खनिज की प्रचुर उपलब्धता है. उसका उत्खनन कर सरकार अब अपना राजस्व बढ़ाने की योजना बना रही है. इसके लिए उन सभी चिह्नित स्थलों का गहन सर्वे कराया जा रहा है, जहां धरती के नीचे ऐसे खनिजों का विशाल भंडार दबा पड़ा है. खान एवं भूतत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार संतालपरगना प्रमंडल के देवघर-जामताड़ा के अलावा राजमहल की पहाड़ियों से सटे इलाकों में सिलिका व क्वार्ट्ज की उपलब्धता के संकेत मिले हैं.
इन इलाकों में इसी सितंबर माह में सर्वे का कार्य पूरा करा लिया जाना है. देवघर जिले के पालाजोरी से सटे पथजोर, घोलधोला व कोलाडाबर तथा जामताड़ा जिले के करमाटांड़ से सटे तेलियाडीह व फफनाद में क्वार्ट्ज के प्रचुर भंडार मिले हैं. इन इलाकों में लगभग 0.80 वर्ग किमी में भंडार का आकलन किया गया है. इनका सर्वे पूरा होने के बाद उत्खनन के लिए ऐसे खदानों की नीलामी के लिए झारखंड खनिज विकास निगम आगे कदम उठायेगी.
उन बालू घाटों का भी हो रहा सर्वे, जिनकी नहीं हुई है बंदोबस्ती
खान एवं भूतत्व विभाग संताल परगना के उन बालू घाटों का भी सर्वे कर रहा है, जिनकी बंदोबस्ती अब तक नहीं हो सकी है. ऐसे बालू घाटों का डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट तैयार किया जा रहा है. सर्वे में ऐसे बालू घाटों में बालू की उपलब्धता व मात्रा का आकलन किया जा रहा है, ताकि उसका आनेवाले वक्त में ऑनलाइन बंदोबस्ती की सके. उल्लेखनीय है कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किये जाने पर गोड्डा में 17 और दुमका में एक बालू घाट की बंदोबस्ती रद्द की जा चुकी है.
क्वार्टज जिसे हिंदी में स्फटिक कहते हैं, एक खनिज, जो सिलिका और ऑक्सीजन के मिलने से बना है. बहुतायत मात्रा में अग्निय अवसादी या कायांतरित चट्टानों में मिलता है. यह पृथ्वी के ऊपरी परत में भी पाये जाते हैं. इसका उपयोग रत्न और घर सज्जा के लिए होता है. चूंकि इसका तापमान रोधक क्षमता अन्य खनिज से अधिक है. अन्य गुणों के कारण ईंट बनाने में उपयोग होता है. साथ ही कोठरता अधिक होने के कारण इसका उपयोग सरेस कागज, जो लकड़ी के फर्नीचर में उसे स्मूथ करने में उपयोग में होता है. यह कई रंगों में पाया जाता है.
डॉ रंजीत कुमार सिंह, भूगर्भ शास्त्री.
जामताड़ा-देवघर में क्वार्ट्ज के भंडार मिले हैं. इसके भंडार के आकलन को लेकर सर्वे होना है. सर्वे कार्य महीने भर के अंदर पूरा करा लिया जायेगा.
एसएन विद्यार्थी, सहायक निदेशक, खान एवं भूतत्व
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