उफ ! ये देवघर का बस स्टैंड

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देवघर : देवघर का एक मात्र प्राइवेट बस स्टैंड, जहां से रोजाना रांची, धनबाद, हजारीबाग, आसनसोल, भागलपुर सहित अन्य जगहों के लिए रोजाना करीब 150 यात्री बसें खुलती हैं. इससे निगम को लाखों में आय होती है. विडंबना है कि लाखों का राजस्व देने वाला यह बस स्टैंड बुरी तरह से बदहाल है. यहां यात्री […]

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देवघर : देवघर का एक मात्र प्राइवेट बस स्टैंड, जहां से रोजाना रांची, धनबाद, हजारीबाग, आसनसोल, भागलपुर सहित अन्य जगहों के लिए रोजाना करीब 150 यात्री बसें खुलती हैं. इससे निगम को लाखों में आय होती है. विडंबना है कि लाखों का राजस्व देने वाला यह बस स्टैंड बुरी तरह से बदहाल है. यहां यात्री सुविधाओं का घोर अभाव है. जहां-तहां कचरा जमा रहता है. शौचालय की बदबू से यात्रियों को खड़ा रहना मुश्किल होता है.

पेयजल की व्यवस्था नहीं है. मुसाफिरखाना जर्जर है. बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह जलजमाव हाेने से आवाजाही में काफी परेशानी होती है. बस ऑनर एसोसिएशन ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए आवाज भी उठाया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. एसोसिएशन ने निगम के सीइओ को दो माह पहले भी बस स्टैंड की सुरक्षा को ध्यान में रखे हुए दोनों ओर बड़ा गेट लगवाने की अपील की थी, जो कि अब तक नहीं लग सका.
बिहार से लेकर बंगाल तक जाती है बसें : प्रतिदिन विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु व पर्यटक बाबाधाम पहुंचते हैं. यहां बंगाल के रानीगंज, आसनसोल, चितरंजन से लेकर बिहार के भागलपुर, सुल्तानगंज आदि जगहों तक की बसें चलती हैं. इस लिहाज से भी बस स्टैंड काफी महत्वपूर्ण है.
बस पड़ाव से प्रतिदिन 150 से अधिक बसों का हाेता है परिचालन
स्वच्छ भारत रैंकिंग में देवघर को मिला था राज्य में पांचवां स्थान
सुविधाओं का है घोर अभाव
वेपर खराब, पसरा रहता है अंधेरा
हर माह एक लाख से अधिक का राजस्व
देवघर बस स्टैंड निगम को राेजाना करीब 150 बसें विभिन्न जगहों के लिए रवाना होती हैं. इससे निगम को प्रति बस 30 रुपये की आमदनी होती है. ऐसे में प्रतिदिन केवल बसों से निगम को साढ़े चार हजार रुपये राजस्व की प्राप्ति होती है. इसके अलावा स्टैंड के दोनों तरह एक दर्जन से अधिक दुकानें हैं. इससे भी निगम को किराया मिलता है.
क्या कहते हैं सीइओ
निगम के सीइओ संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्राइवेट बस स्टैंड पर शुरू से निगम का ध्यान है. वहां नियमित रूप से सफाईकर्मियों को भेजा जाता है. प्राइवेट बस स्टैंड की भीड़ को कम करने के लिए 45 करोड़ की लागत से बाघमारा में अाधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डा बनाया जा रहा है. इसका प्रथम चरण का काम मिट्टी भराई कर दिया गया है. भादो मेला के बाद कामों में तेजी लायी जायेगी.
कहते हैं बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष
अध्यक्ष दिनेशानंद झा ने बताया कि प्राइवेट बस स्टैंड की स्थिति दयनीय है. संघ ने निगम में दो साल पहले दोनों मुख्य दरवाजा पर गेट लगवाने व स्टैंड परिसर में संघ का एक ऑफिस बनवाने की मांग की थी. जिस पर अबतक ध्यान नहीं दिया गया. यहां पेयजल की समस्या है. दोनों चापानल अक्सर खराब रहता है.
बस पड़ाव का मुसाफिरखाना जर्जर
बस स्टैंड में बना मुसाफिरखाना जर्जर हो गया है. इसमें लाइट की सुविधा नहीं है. इससे रात में यात्रियों को काफी परेशानी हाेती है. चोरी-पॉकेटमारी का डर लगा रहता है.
परिसर के दोनों चापानल अक्सर खराब
कहने को तो बस स्टैंड में यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए दो चापानल लगाया गया है. दोनों अक्सर खराब रहता है. निगम के पास शिकायत करने पर प्रक्रिया से गुजरते-गुजरते कई सप्ताह बीत जाते हैं.
वेपर रहता है खराब
बस पड़ाव के चारों ओर करीब एक दर्जन वेपर लाइट लगा हुआ है. इसमें अधिकांश वेपर जलता ही नहीं है. इससे शाम होते ही परिसर में अंधेरा पसर जाता है.
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