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.तीन वर्ष से बिना मानदेय के पढ़ा रहे पारा शिक्षक, आर्थिक संकट गहराया

Updated at : 26 Feb 2026 9:05 PM (IST)
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.तीन वर्ष से बिना मानदेय के पढ़ा रहे पारा शिक्षक, आर्थिक संकट गहराया

तीन वर्ष से बिना मानदेय के पढ़ा रहे पारा शिक्षक, आर्थिक संकट गहराया

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2006 से 2019 तक नियमित सेवा, बीमारी के बाद 2023 से फिर योगदान प्रतिनिधि, जोरी उत्क्रमित मध्य विद्यालय पैनी कला में पूर्व पारा शिक्षक विनोद कुमार ठाकुर पिछले तीन वर्षों से बिना मानदेय के विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं. मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. यह स्थिति दो जनवरी 2023 से बनी हुई है. विनोद कुमार ठाकुर ने बताया कि उन्होंने 10 अक्टूबर 2006 को ग्राम शिक्षा समिति के अनुमोदन के बाद विद्यालय में पारा शिक्षक के रूप में योगदान दिया था. वह 20 फरवरी 2019 तक नियमित रूप से कार्यरत रहे और इस अवधि में विभाग से मानदेय प्राप्त करते रहे. उन्होंने बताया कि फरवरी 2019 में माता की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लंबी छुट्टी लेकर बाहर जाना पड़ा. इसी दौरान वे स्वयं भी गंभीर रूप से बीमार हो गये. इसकी सूचना विभाग को देते हुए वे अवैतनिक अवकाश पर चले गये. करीब चार वर्षों तक वे विद्यालय से अनुपस्थित रहे. स्वास्थ्य लाभ के बाद विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुमोदन पर उन्होंने पुनः दो जनवरी 2023 से विद्यालय में योगदान दिया. तब से अब तक वे नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित होकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं और शिक्षक उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति भी दर्ज कर रहे हैं. उनका शिक्षक आइडी संख्या 845719 भी जेनरेट हो चुका है, बावजूद इसके उन्हें अब तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. विनोद कुमार ठाकुर ने उपायुक्त से मामले की जांच कर शीघ्र मानदेय भुगतान का आदेश देने की मांग की है. इस संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईईओ) किशोर कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारी को दे दी गयी है.

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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