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कीचड़मय सड़क पर चलना हुआ दूभर

Updated at : 12 Sep 2025 8:37 PM (IST)
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कीचड़मय सड़क पर चलना हुआ दूभर

सदर प्रखंड के टीकर पंचायत के चंगेर गांव में शुक्रवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं पर खुल कर अपनी बात रखी.

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चतरा. सदर प्रखंड के टीकर पंचायत के चंगेर गांव में शुक्रवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं पर खुल कर अपनी बात रखी. ग्रामीणों ने कहा कि यहां सड़क, बिजली, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं का घोर अभाव है. सड़क कीचड़ में तब्दील है. आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हर रोज लोग जर्जर सड़क पर गिरकर घायल हो रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों व किसानों को होती है. गांव में एक भी जलमीनार नहीं है. उन्हें पेयजल समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. एकमात्र 25 केवी के ट्रांसफॉर्मर से 70-80 घरों में बिजली जलती है. इस कारण लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है. गांव में मध्य विद्यालय को अपग्रेड कर उवि बनाया गया, लेकिन भवन नहीं बना. विद्यालय में शिक्षकों की कमी है. विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी है. गांव जाने के लिए दो सड़क: जितनी मोड़-पत्थलगड्डा मुख्य पथ से देवी मंडप तक व मुख्य पथ से बरगद पेड़ तक दोनों सड़कें कच्ची है. कई वर्षो से ग्रामीण सड़क की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन सड़क नहीं बनी. सांसद- विधायक से मांग की गयी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं है. नाली नहीं रहने से पानी सड़क पर बहता रहता है. जिला अभियंता ने दो साल पूर्व सड़क की डीपीआर तैयार होने की बात कही थी, लेकिन सड़क नहीं बनी. प्रभात खबर के माध्यम से ग्रामीणों ने उपायुक्त से दोनों कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने की मांग की है. कीचड़ में तब्दील है सड़क, होती है परेशानी: प्रदीप ग्रामीण प्रदीप दांगी ने कहा कि गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क है. गांव तक जाने के लिए कच्ची सड़क है, जो हल्की बारिश में भी पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाती है. आवागमन करने में लोगों को परेशानी होती है. गांव के अधिकांश लोग किसान हैं. साग-सब्जी बाजार तक ले जाने में इन किसानों को भारी परेशानी होती है. बड़ी आबादी दूषित पानी पीने को विवश: उपेंद्र ग्रामीण उपेंद्र दांगी ने कहा कि गांव में एक भी जलमीनार नहीं है. ऐसे में ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोग कुएं का गंदा पानी पीकर अपनी प्यास बुझाते हैं. इससे आये दिन लोग बीमार पड़ते हैं. बरसात में सबसे अधिक परेशानी होती है. खेत का पानी कुएं में जाने से लोगों को विवश होकर गंदा पानी पीना पड़ता है. विद्यालय में शिक्षक व भवन का अभाव: राजू ग्रामीण राजू दांगी ने कहा कि सरकार ने गांव के मध्य विद्यालय को अपग्रेड कर उच्च विद्यालय किया है, लेकिन शिक्षक व भवन के अभाव में बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है. सड़क पर कीचड़ होने के कारण आये दिन बच्चे सड़क पर गिरते रहते हैं. ड्रेस गंदा होने के कारण वापस घर चले जाते हैं. पर ओर परेशानी है. बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं: अशोक स्थानीय अशोक दांगी ने कहा कि गांव में बिजली की समस्या है. यहां 25 केवी के ट्रांसफॉर्मर से गांव को बिजली मिलती है. अधिक लोड होने के कारण हमेशा बिजली की समस्या बनी रहती है. कई बार बिजली विभाग से बड़ा ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग की गयी, लेकिन विभागीय तौर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. ग्रामीण परेशान हैं. गांव तक नहीं पहुंच पाती है ममता वाहन: कुलदीप ग्रामीण कुलदीप यादव ने कहा कि गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलती है. गांव से दो किमी टीकर व आठ किमी दूर सदर अस्पताल जाना पड़ता है. सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं व छोटे-छोटे बच्चों को इलाज कराने में होती है. सड़क की स्थिति खराब होने के कारण ममता वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पाती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANUJ SINGH

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By ANUJ SINGH

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