Chaibasa News : शिक्षा से सशक्त होगा आदिवासी समाज

Published by : AKASH Updated At : 09 Aug 2025 11:35 PM

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ज्ञान में शक्ति है. अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षित करने पर ध्यान दें. बच्चों को नशापान से दूर रखें. उक्त बातें कोल्हान नितिर तुरतुंग के संरक्षक ज्ञानसिंह दोराइबुरु ने कहीं.

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नोवामुंडी.

ज्ञान में शक्ति है. अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षित करने पर ध्यान दें. बच्चों को नशापान से दूर रखें. उक्त बातें कोल्हान नितिर तुरतुंग के संरक्षक ज्ञानसिंह दोराइबुरु ने कहीं. वे विश्व आदिवासी दिवस पर नोवामुंडी के पचायसाई फुटबाॅल मैदान में समारोह को मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कोल्हान में नितिर तुरतुंग सैकड़ों युवाओं को नौकरी व रोजगार दिलाने का काम कर रही है. विशिष्ट अतिथि माझीराम जामुदा ने कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सभी लोग ध्यान दें. नोवामुंडी क्षेत्र में सीएसआर के तहत टाटा स्टील के जीएम अतुल भटनागर द्वारा किये गये कार्यों की प्रशंसा की गयी.

झारखंड दिशोम गुरु शिबू सोरेन की देन

कुचीबेड़ा गांव के मुंडा अजय पूर्ति ने कहा कि झारखंड राज्य दिशोम गुरु शिबू सोरेन की देन है. अब युवा पीढ़ी दायित्व है कि इसे सजाये व संवारे. दिरीबुरु पंचायत के मुखिया गंगाधर चातोम्बा ने कहा कि समय कि मांग है कि आदिवासी एकजुट हों. बच्चों को स्कूल भेजें व नशापान से दूर रहें. पूर्व विधायक मंगलसिंह बोबोंगा ने शिबू सोरेन की जीवन पर जानकारी दी. विश्व के 195 देशों में 90 देशों में आदिवासी रहते हैं. सबसे अधिक आदिवासी अफ्रिका में जबकि भारत दूसरे स्थान पर है. कहा कि सीएनटी एक्ट मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की देन है. कहा कि बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हो, नारा हो, पोटो हो जैसे महान सपूतों के सपनों को साकार करने के लिए समाज में लोगों को आगे आने होगा. आदिवासी एसोसिएशन के अध्यक्ष घनश्याम हेंब्रम ने कहा कि जल,जंगल व जमीन संकट में है. मानकी सुरेंद्र चातोम्बा ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हम काफी पिछड़े हुए हैं. एक शिक्षक कक्षा 1 से 8 वीं के बच्चों को पढ़्रा रहे हैं. इसके अलावा मतियस सुरेन, मनवीर देव सुरेन, देवराज तुविड़, सीताराम लागुरी, मंजीत कोडा, ज्योति हेंब्रम, सुभनी कुई, मालिनी कुई आदि ने भी समारोह को संबोधित किया. समारोह स्थल पर हजारों महिला-पुरुष पंडाल तक रैली की शक्ल नारे लगाते हुए पहुंचे.

दिशोम गुरु को दी गयी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम शुरू करने के पहले दो मिनट की मौन धारण कर दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी गयी. मंच का संचालन संयुक्त रूप से मतियस सुरेन व अलबर्ट मुंडा ने किया. मौके पर मंगलसिंह बोबोंगा व सुरेंद्र चातोम्बा मौजूद थे.

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