Chaibasa News : शून्य प्रगति वाली डीएमएफटी योजनाएं होंगी रद्द

चाईबासा : डीएमएफटी योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक, उपायुक्त ने कहा
चाईबासा.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभागार में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) मद से संचालित आधारभूत संरचना निर्माण योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में विभिन्न कार्यकारी विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गयी. समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी मद से अब तक लगभग 1712 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न कार्यकारी विभागों को आधारभूत संरचना निर्माण के लिए जारी की गयी है. इसमें से 1387 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है, जबकि 1273 करोड़ रुपये की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) प्राप्त हो चुका है. शेष लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों को लेकर उपायुक्त ने सभी कार्यकारी विभागों को निर्देश दिया कि संबंधित योजनाओं की जांच कर तीन दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना सुनिश्चित करें.2023-24 की जिन योजनाओं में कार्य प्रगति शून्य, उन्हें रद्द करने का निर्देश
उपायुक्त ने डीएमएफटी मद से वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2023-24 तक स्वीकृत एवं विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 तक स्वीकृत जिन योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत जिन योजनाओं में अब तक कार्य प्रगति शून्य है, उन सभी योजनाओं को रद्द करने का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराया जाए. उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में उन्हीं कार्यकारी विभागों को नयी योजनाएं आवंटित की जाएंगी, जिन विभागों द्वारा पूर्व में आवंटित योजनाओं में अपेक्षित और संतोषजनक प्रगति दिखायी जायेगी.
एक साल से अधिक समय से खातों में पड़ी राशि एक सप्ताह में लौटाएं :
समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि विभिन्न कार्यकारी विभागों के अलग-अलग खातों में डीएमएफटी मद की लगभग 295 करोड़ रुपये की राशि अवशेष है. इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग अपने खातों में पड़ी राशि का मूल्यांकन करें और जो राशि एक वर्ष से अधिक समय से अप्रयुक्त पड़ी है, उसे नियमों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर वापस करने की कार्रवाई सुनिश्चित करें. बैठक में उपायुक्त ने डीएमएफटी अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं एवं डीएमएफटी पीएमयू टीम को निर्देश दिया कि सभी संचालित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, संचालन एवं संधारण मद की राशि के भुगतान से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभिन्न कार्यकारी विभागों को आवंटित योजनाओं के टेंडर निष्पादन, एग्रीमेंट एवं भौतिक प्रगति की जांच कर संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया.बैठक में ये रहे उपस्थित :
बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, निदेशक लेखा प्रशासन सह स्वनियोजन सुनीला खलको, विभिन्न कार्यकारी विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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