नन्हे कांवरियों के कांधे पर आस्था, गूंजा बोलबम..
कावंरयात्रा में शामिल बच्चे.
चाईबासा में मारवाड़ी युवा मंच द्वारा बाल कांवड़ यात्रा निकाली गई. बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और शिवालय में जलाभिषेक कर धार्मिक परंपराओं का पालन किया.
चाईबासा | किसी के कंधे पर छोटी कांवर थी, तो कोई हाथ में जल लेकर ‘बोलबम’ के जयकारे लगाते हुए चल रहा था. रविवार को चाईबासा के टुंगरी स्थित शंभू मंदिर से निकली बाल कांवर यात्रा में बच्चों की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था. करीब 70 बाल कांवरियों ने संकल्प के साथ यात्रा में हिस्सा लिया. बच्चों के साथ महिलाएं और पुरुष श्रद्धालु भी कदम से कदम मिलाकर चले और पूरा इलाका भोलेनाथ की भक्ति में डूब गया.
नन्हे कदमों से निकली कांवर यात्रा, बोलबम से गूंजा रास्ता
मारवाड़ी युवा मंच मारवाड़ी जागृति शाखा की द्वारा आयोजित यात्रा शंभू मंदिर परिसर से शुरू हुई. बच्चों ने कांवर लेकर करीब एक किलोमीटर की दूरी तय की. रास्तेभर ‘बोलबम’ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा. बच्चों की कांवड़ यात्रा देखने के लिए रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग भी जुटे. नन्हे कांवरियों का उत्साह लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा.
शिवजी की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
यात्रा में शामिल एक बच्ची भगवान शिव की झांकी के रूप में सजी थी. उसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों से सजाया गया था. बच्ची की यह आकर्षक झांकी यात्रा में श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही. बाल कांवर यात्रा शंभू मंदिर से निकलकर बांधपाड़ा स्थित शिवालय पहुंची. यहां पहुंचने के बाद बाल कांवरियों व श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया. इसी के साथ यात्रा का समापन हुआ.
बच्चों में संस्कार और परंपरा से जोड़ना उद्देश्य
शाखा अध्यक्ष नेहा अग्रवाल ने बताया - बच्चों में संस्कार और धार्मिक परंपराओं के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से बाल कांवर यात्रा का आयोजन किया गया. यात्रा के माध्यम से बच्चों को धार्मिक परंपराओं और आस्था से जोड़ने का प्रयास किया गया.
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