झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के पोते का कुल्लू में निधन, हेमंत सोरेन ने जताया दुख

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :25 Feb 2026 10:16 AM (IST)
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चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन की फाइल फोटो.

Breaking News: झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के 21 वर्षीय पोते वीर सोरेन का कुल्लू-मनाली में निधन हो गया है. वे दोस्तों के साथ मनाली घूमने गए थे. खबर मिलते ही उनके दादा चंपाई सोरेन मनाली के लिए रवाना हो गए हैं. इस घटना से संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश और प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट

Breaking News: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के परिवार से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है. उनके पोते वीर सोरेन का हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में निधन हो गया. वे घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे बाबूलाल सोरेन के पुत्र थे. घटना की खबर मिलते ही परिवार और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है.

दोस्तों के साथ मनाली घूमने गए थे

मिली जानकारी के अनुसार वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश के मनाली घूमने गए थे. बताया जा रहा है कि वे कुल्लू-मनाली क्षेत्र में बर्फबारी का आनंद ले रहे थे. इसी दौरान यह दुखद घटना घटित हुई. हालांकि, हादसे के कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है.

बाबूलाल सोरेन के पुत्र थे वीर

वीर सोरेन, चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन के पुत्र थे. परिवार में इस घटना के बाद शोक का माहौल है. परिजन और करीबी रिश्तेदार हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो चुके हैं. स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. बताया जा रहा है कि वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने गए थे. देर रात वे सोए हुए थे, तभी अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई. दोस्तों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, लेकिन तब तक उनका निधन हो चुका था. फिलहाल परिजन गहरे सदमे में हैं और घटना के बारे में अधिक जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं.

मनाली के लिए रवाना हुए चंपई सोरेन

घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन मनाली के लिए रवाना हो गए हैं. बताया जा रहा है कि वे यहां से दिल्ली पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से मनाली जा रहे हैं. सरायकेला विधानसभा क्षेत्र में भी इस दुखद घटना के बाद शोक का माहौल है.

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चंपाई सोरेन ने की पुष्टि

पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने प्रभात खबर से पुष्टि करते हुए कहा है कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित करते हैं कि हमारे प्रिय वीर सोरेन का 24 फरवरी 2026 को असामयिक निधन हो गया है. हिमाचल प्रदेश के मनाली में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. वीर के जाने से हमारा परिवार बिखर गया है.

हेमंत सोरेन ने जताया दुख

चंपाई सोरेन के पोते के देहांत पर झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो के अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने शोक-संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने सोशल मीडिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा है, ‘आदरणीय श्री चंपई सोरेन जी के पोते वीर सोरेन का कुल्लू में आकस्मिक निधन का अत्यंत मर्माहत करने वाला समाचार मिला. मरांग बुरु दिवगंत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को दुःख की घड़ी सहन करने की शक्ति दे. इस दुखद घड़ी में हम उनके साथ हैं.’

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अर्जुन मुंडा ने व्यक्त की शोक-संवेदना

चंपाई सोरेन के पोते के देहांत पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने शोक-संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने सोशल मीडिया के प्रमुख प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा है, ‘झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता श्री चंपाई सोरेन जी के पोते वीर सोरेन के असामयिक निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ. इस कठिन घड़ी में उनसे दूरभाष पर बात कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की. परिवार के छोटे सदस्य का अचानक चले जाना अत्यंत ही पीड़ादायक है.’

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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