ePaper

बोकारो में श्रमिकों को रोजगार देने की क्या है तैयारी ?

Updated at : 17 Jun 2020 2:06 PM (IST)
विज्ञापन
बोकारो में श्रमिकों को रोजगार देने की क्या है तैयारी ?

बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में श्रमिकों का डाटा तैयार कर लिया गया है. इन्हें कुशल और अकुशल की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, ताकि जरूरत के अनुसार इन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके. इसके लिए जिला प्रशासन ने डैशबोर्ड विकसित किया है, जहां से कोई भी श्रमिकों की कार्यकुशलता की जानकारी लेकर उनके हुनर का लाभ ले सकता है. इसमें जिला प्रशासन सहयोग करेगा.

विज्ञापन

बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में श्रमिकों का डाटा तैयार कर लिया गया है. इन्हें कुशल और अकुशल की श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, ताकि जरूरत के अनुसार इन्हें रोजगार से जोड़ा जा सके. इसके लिए जिला प्रशासन ने डैशबोर्ड विकसित किया है, जहां से कोई भी श्रमिकों की कार्यकुशलता की जानकारी लेकर उनके हुनर का लाभ ले सकता है. इसमें जिला प्रशासन सहयोग करेगा.

डाटा तैयार, अब रोजगार

बोकारो के उपायुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन ने एक डैशबोर्ड विकसित किया है, जिसके तहत बोकारो जिले में आये सभी प्रवासी मजदूरों का डेटाबेस तैयार किया गया है. 10 हजार से ज्यादा स्किल्ड व कार्य अनुभव वाले मजदूरों को वर्गीकृत किया गया है. इस डैशबोर्ड पर सर्च का विकल्प दिया गया है, जिसके माध्यम से कोई औद्योगिक इकाई या व्यक्ति किसी खास कौशल वाले कामगार को खोज सकता है. उससे सीधा संपर्क कर सकता है.

500 लोगों को मिलेगा ऑफर लेटर

जिला प्रशासन उनके बीच समन्वय स्थापित कर एक-दूसरे की मदद करेगा. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस सप्ताह के अंत तक लगभग 500 लोगों को ऑफर लेटर दिया जायेगा, जिन्हें जिला प्रशासन ने जियाडा समेत अन्य उद्योगों में नियोजन दिलाया है.

मास्क नहीं पहनने पर राशन नहीं

कोराना वायरस से बचाव को लेकर बोकारो जिले में प्रचार प्रसार को लेकर कार्यक्रम ‘कवच’ की शुरुआत की गई है. उपायुक्त मुकेश कुमार ने मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में इसकी शुरुआत की. उपायुक्त ने संवाददाताओं से कहा कि इस कार्यक्रम के तहत आम लोगों को सामाजिक दूरी, हाथ की धुलाई व मास्क का प्रयोग को लेकर जागरूक किया जायेगा. मास्क नहीं पहनने वाले को राशन दुकान से सामान नहीं मिलेगा. कार्यक्रम के तहत कई लघु फिल्में सोशल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित की जायेंगी.

जरूरी है सुरक्षा कवच

उपायुक्त ने कहा कि अनलॉक 1.0 में औद्योगिक इकाइयां, ऑफिस आदि खुलने के कारण लोगों की आवाजाही बढ़ गयी है. ऐसी स्थिति में कोरोना से बचाव बहुत जरूरी है और इसके लिए सबको कवच की जरूरत है. इसके तहत ही सभी सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों के बाहर हिंदी में संदेश लिखे जायेंगे.

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Panchayatnama

लेखक के बारे में

By Panchayatnama

Panchayatnama is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola