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ठेका कर्मियों को काम से निकालने की हो रही साजिश : चौधरी

Updated at : 01 Jun 2024 11:26 PM (IST)
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ठेका कर्मियों को काम से निकालने की हो रही साजिश : चौधरी

ठेका मजदूरों को मेडिकल अनफिट करने के खिलाफ जय झारखंड मजदूर समाज का आक्रोश-प्रदर्शन

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बोकारो. बोकारो जनरल अस्पताल में 27 मई से चल रहे ठेका कमियों की स्वास्थ्य जांच के खिलाफ जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से आंदोलन के प्रथम चरण में शनिवार को कोक ओवेन एंड कोक केमिकल विभाग के बैट्री नंबर तीन के सामने आक्रोश-प्रदर्शन किया गया. नेतृत्व झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने किया. कहा कि ठेका कर्मियों को गलत पैरामीटर के कारण मेडिकल अनफिट किया जा रहा है. यह कर्मियों को काम से निकाले जाने की साजिश हो रही है.

श्री चौधरी ने कहा कि शुगर, ब्लड प्रेशर या आंख में विजन कमी आम बीमारी हो गयी है. देश के साथ-साथ बोकारो स्टील के 70 प्रतिशत कर्मी को उपरोक्त समस्या है. कर्मी जीवन के रक्षार्थ दवा का सेवन करते हुए बोकारो स्टील को अपनी सेवा दे रहे हैं. ऐसे में कर्मियों को मेडिकल अनफिट करार देना अन्याय है. जिसने अपनी जंगल व जमीन देकर प्लांट के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, उन्हें बोकारो स्टील में नियमित नौकरी मिलनी चाहिए. ठेका कर्मी पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ उत्पादन और मुनाफे में 90 प्रतिशत का योगदान दे रहे है. आज ठेका मजदूर परमानेन्ट नेचर का काम कर रहा है.

समान काम का समान वेतन मिलना चाहिएश्री चौधरी ने कहा कि जिन्हें समान काम का समान वेतन मिलना चाहिए, उन्हें मात्र 1200 से 20000 रुपये तक हीं दिया जा रहा है. इनको भी नाइट शिफ्ट अलाउंस, साइकिल अलाउंस, एक्सग्रेसिया, प्रोफिट लिंक रिवार्ड स्कीम का लाभ आदि मिलना चाहिए. अभी कुछ समय है. प्लांट के उत्पादन और मुनाफे को बनाकर रखते हुए नये-नये कीर्तिमान स्थापित करना है तो उपरोक्त मांगों को पूरा करना होगा. कारण, आज प्लांट के उत्पादन व उत्पादकता में ठेका कर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है. इसके बावजूद उपेक्षित है. प्रदर्शन में दर्जनों ठेका कर्मी शामिल हुए. अध्यक्षता संयुक्त महामंत्री अनिल कुमार ने किया. धन्यवाद ज्ञापन रौशन कुमार व तुलसी साह ने संयुक्त रूप से दिया. संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार, एनके सिंह, अनिल कुमार, आरबी सिंह, आशिक अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद, बादल कोयरी, दिलीप कुमार ठाकुर ,आई अहमद, ए अंसारी, कार्तिक सिंह, आरआर सोरेन, रमा रवानी, लाल बाबू भारती, सितन मांझी, राजेश गोप, तपेश्वर महतो, जितेंद्र रॉय, सचिन, उत्तम कुमार, नरेश कुमार सिंह, सुजीत महतो, अकरम, हरेंद्र लहरी, रवि राय, नकुल दास, रणविजय सिंह, भागीरथ महतो, कुंदन श्रीवास्तव, अखिलेश झा, मनोज कुमार नसीर खान, एसएस पांडेय शामिल थे.

ठेका श्रमिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बीएसएल प्रतिबद्ध

बोकारो.

सुरक्षा व स्वास्थ्य का गहरा संबंध है. स्वस्थ कामगार ही सुरक्षित कार्यक्षेत्र निर्मित करने में सहायक होते हैं. इसी दिशा में बोकारो स्टील प्लांट के बोकारो जनरल हॉस्पिटल द्वारा विभिन्न ठेकेदारों के अंदर काम कर रहे ठेका श्रमिकों के मेडिकल चेक -अप की व्यवस्था की गयी है. किसी भी ठेका मजदूर का गेट पास बनाने के पहले बीजीएच द्वारा उनका मेडिकल चेकअप होगा. मेडिकल चेकअप में उनका ब्लड टेस्ट, ब्लड प्रेशर, इसीजी, हाइट, वेट, बीएमआई जैसे कुछ बेसिक पैरामीटर्स की जांच की जायेगी. किसी भी पैरामीटर के निर्धारित स्तर से बाहर होने पर उन्हें उचित इलाज करवाने की सलाह दी जाएगी और चार सप्ताह (28 दिन) के बाद वे पुनः अपनी जांच बीजीएच में करवा सकते हैं. फिट पाए जाने पर सेफ्टी ट्रेनिंग के बाद उन्हें गेट पास निर्गत हो सकेगा.

प्रत्येक कार्यदिवस 50 ठेका श्रमिकों की मेडिकल जांच :

निकट या दूर दृष्टि दोष जैसी छोटी-मोटी समस्या जिसे चश्मे के इस्तेमाल से ठीक किया जा सकता है, वैसे वर्कर्स उचित पावर का चश्मा लगवा कर पुनः एक सप्ताह के बाद बीजीएच में अपने आंखों की जांच करवा कर सेफ्टी ट्रेनिंग के पश्चात अपना गेट पास बनवा सकते हैं. बीजीएच में प्रत्येक कार्यदिवस पर 50 ठेका श्रमिकों की मेडिकल जांच की जायेगी. जिनका भी मेडिकल चेकअप का स्लॉट बुक करवाया गया होगा, उनके इंजीनियर इंचार्ज को और कॉन्ट्रैक्टर को, उनके बीएसएल में रजिस्टर्ड मेल आइडी पर कम से कम एक दिन पहले मेल चला जाएगा.

निर्धारित तिथि पर बीजीएच में खाली पेट सुबह 7.30 बजे तक रिपोर्ट :

ठेका श्रमिकों को निर्धारित तिथि पर बीजीएच में खाली पेट सुबह 7.30 बजे तक रिपोर्ट करना है. वैसे ठेका श्रमिक जो मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फिट होंगे, उन्हें अगले दिन दो दिनों की सेफ्टी ट्रेनिंग के लिए जाना होगा. बीजीएच की जांच रिपोर्ट उसी दिन शाम के सात बजे तक इंजीनियर इंचार्ज और कॉन्ट्रैक्टर को मेल द्वारा प्रेषित कर दी जाएगी. बीएसएल अपने सभी कार्मिकों तथा ठेका श्रमिकों के बेहतर स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध है और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए ठेका कर्मियों के स्वास्थ्य जांच की शुरुआत की गई है.

गेट पास बनाने के पहले बीजीएच में मेडिकल चेकअप होगा :

इस क्रम में यदि किसी कामगार की जांच रेपोर्ट में किसी समस्या की पहचान होती है, तो इसके उचित इलाज की सलाह दी जाती है, जो अंततः कामगार के लिए लाभकारी है. यहां यह भी बताना जरूरी है कि ठेका श्रमिकों को गेट पास निर्गत करने की पूरी प्रक्रिया में इसके अलावा कि उनकी मेडिकल जांच अब बाहर के चिकित्सक के द्वारा ना होकर बीजीएच में होगी, कोई बदलाव नहीं किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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