Bokaro News : मुआवजा मिलने पर समाप्त हो जाता है जमीन का मालिकाना हक

Bokaro News : बोकारो के पूर्व लोक अभियोजक सह उपभोक्ता फोरम बोकारो के पूर्व सदस्य सह मेंबर ऑफ इंडिया आर्बिट्रेशन काउंसिल प्रेमचंद अग्रवाल ने रविवार को प्रभात खबर की ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में पाठकों के सवालों पर कानूनी सलाह दी.
बोकारो. अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा मिलने के बाद व्यक्ति का मालिकाना हक समाप्त हो जाता है. अधिग्रहण करनेवाली संस्था जमीन का जब चाहे उपयोग कर सकती है. इस पर किसी तरह का दोबारा दखल जमीन मालिक का किसी भी स्थिति में नहीं हो सकता है. ऐसा करने पर दावा करनेवाले व्यक्ति को कानूनी परेशानी झेलनी होगी. बोकारो के पूर्व लोक अभियोजक सह उपभोक्ता फोरम बोकारो के पूर्व सदस्य सह मेंबर ऑफ इंडिया आर्बिट्रेशन काउंसिल प्रेमचंद अग्रवाल ने उक्त बातें एक सवाल के जवाब में कहीं. वह रविवार को प्रभात खबर की ऑनलाइन लीगल काउंसेलिंग में पाठकों के सवालों पर कानूनी सलाह दे रहे थे.
बोकारो जिले के चास प्रखंड की संगीता कुमारी का सवाल था : मेरे पति ने गारंटर बनकर एक परिचित व्यक्ति को 30 हजार रुपये कर्ज दिलाया. इसके बदले स्व-हस्ताक्षरित एक ब्लैंकचेक कर्ज देनेवाले को दिया था. अब कर्ज लेनेवाला व्यक्ति कर्ज लौटाने में देरी कर रहा है. ऐसे में कर्ज देनेवाले व्यक्ति ने मेरे पति के ब्लैंकचेक का इस्तेमाल कर उनको कानूनी परेशानी में डाल दिया है. श्री अग्रवाल ने जवाब में कहा कि आपके पति को सबसे पहले कोर्ट से बेल लेनी होगी. उन्हें कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा. कोर्ट में कर्ज लेनेवाला व्यक्ति बयान दे देगा कि कर्ज मैंने लिया है, ब्लैंकचेक देनेवाले व्यक्ति केवल गारंटर हैं, तो मामला सरल हो जायेगा. यही एक सरल विकल्प है. लीगल काउंसेलिंग में धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, बगोदर सहित अन्य जगहों के पाठकों के फोन आये.पाठकों ने जो सवाल पूछे
संजय कुमार, कोडरमा : दुकान से सामान की खरीदारी की, पर रसीद नहीं ले पाये. अब सामान खराब हो गया है. ऐसे में क्या करूं?अधिवक्ता : बिना रसीद आप उपभोक्ता फोरम नहीं जा सकते हैं. रसीद लेने का प्रयास करें, ताकि फोरम से न्याय मिल पाये.
विकास कुमार, गिरिडीह : उपभोक्ता फोरम से लाभ लेने के लिए क्या करना पड़ता है?अधिवक्ता : उपभोक्ता फोरम में ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है. इसके बाद संपर्क करने पर सही जानकारी मिलेगी.
सुबोध कुमार, गिरिडीह : घर में जमीन का बंटवारा किया गया है. मुझे मनोनुकूल जमीन नहीं मिली. क्या करना होगा?अधिवक्ता : पहले आपसी समन्वय बनाकर हल निकालने का प्रयास करें. ऐसा नहीं होने पर न्यायालय की शरण में जायें.
बबलू कुमार, बोकारो सेक्टर नौ : मेरे साथ साइबर फ्रॉड हुआ है. कहां जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी?अधिवक्ता : बोकारो के सेक्टर वन में साइबर थाना खुला है. वहां जाकर अपनी समस्या आवेदन के माध्यम से विस्तार से पुलिस के सामने रखें. पुलिस अधिकारी के अनुसंधान के बाद न्याय मिलेगा.
चंदन कुमार, बोकारो सेक्टर वन : मैं आर्थिक रूप से कमजोर हूं. 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है. आगे पढ़ाई करना चाहता हूं. क्या करना होगा?अधिवक्ता : जिला कल्याण पदाधिकारी से संपर्क करना होगा. प्रधानमंत्री स्कीम मेरिट के तहत छात्रवृत्ति का प्रावधान केंद्र व राज्य स्तर पर है. इसका लाभ लिया जा सकता है.
संजय कुमार, धनबाद : मेरे दादा जी ने मेरे बड़े पापा के पुत्र के नाम वसीयत कर दी है. अब क्या हो सकता है?अधिवक्ता : पैतृक संपत्ति में कोई भी व्यक्ति वसीयत नहीं कर सकता है. यदि दादा जी के पिता ने संपत्ति अर्जित की है, तो कोर्ट में अर्जी लगाने से वसीयत टूट जायेगी.
दीपक बनर्जी, कुसुमडीह धनबाद : धनबाद में अपार्टमेंट लिया था. एग्रीमेंट के तहत पार्किंग देनी थी. लेकिन परेशान किया जा रहा है. पार्किंग की व्यवस्था कैसे मिलेगी?अधिवक्ता : आप रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी) में आवेदन देकर समस्या रख सकते हैं. आपकी समस्या का समाधान त्वरित गति से होगा.
आदित्य प्रकाश, सिंदरी : हमारी जमीन पर पड़ोसियों ने दावा कर रखा है. कहते हैं कि हमारे घर के अभिभावक ने जमीन उन्हें लिख दी है. कोई कागजात नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी कागज दिखा रहे हैं?अधिवक्ता : डीड की सर्टिफाइड कॉपी कोर्ट से निकाल लें. उस आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
राजाराम कोडा, काशीझरिया चास : पिता दो भाई हैं. चाचा का कोई वंश नहीं है. गोतिया लोग जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं. ऐसे में क्या करना होगा?अधिवक्ता : टाइटल पार्टिशन शूट चास कोर्ट में दाखिल करना होगा. इस आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. जमीन आपके हक में मिल जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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