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Bokaro News : इस्पात मंत्रालय ने एनजेसीएस की स्थापना में भूमिका से किया इंकार

Updated at : 18 Aug 2025 1:11 AM (IST)
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Bokaro News : इस्पात मंत्रालय ने एनजेसीएस की स्थापना में भूमिका से किया इंकार

Bokaro News : एनजेसीएस की कानूनी वैधता व किये गये सभी समझौते की वैधता पर प्रश्नचिह्न

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Bokaro News : एनजेसीएस की कानूनी वैधता व किये गये सभी समझौते की वैधता पर प्रश्नचिह्न

Bokaro News : बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ(बीएकेएस यूनियन) की ओर से एनजेसीएस में नॉमिनेटेड नेताओं को सदस्य बनाने पर रोक लगाने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में दर्ज कराये गये मुकदमे के बाद इस्पात मंत्रालय ने यूनियन को जवाबी पत्र भेजा है. पत्र में इस्पात मंत्रालय के निदेशक ने जवाब दिया है कि एनजेसीएस का गठन इस्पात मंत्रालय ने नहीं किया है. अब एनजेसीएस की कानूनी वैधता व इसके द्वारा किये गये सभी समझौते की वैधता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है. बीएसएल कर्मियों में यह चर्चा में रहा.

कौनूनी तौर पर नहीं हुई है एनजेसीएस की स्थापना :

बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम ने रविवार को बताया : संसद के एक प्रश्न के जवाब में इस्पात मंत्री लिखित में बता चुके हैं कि एनजेसीएस की स्थापना कानूनी तौर पर नहीं की गयी थी. अब इस्पात मंत्रालय के निदेशक बता रहे हैं कि एनजेसीएस की स्थापना इस्पात मंत्रालय ने नहीं की है. बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम ने इस्पात मंत्रालय के जवाब पर कई गंभीर सवाल उठाये हैं. कहा : किस हैसियत से फरवरी 1971 में तत्कालीन इस्पात मंत्री कुमार मंगलम ने एनजेसीएस को ट्राईपार्टी कमेटी से बाईपार्टाईट कमेटी बनायी ?

इस्पात मंत्रालय को नये सिरे से करना होगा एनजेसीएस का गठन : हरिओम

एनजेसीएस में किये गये सभी समझौते को इस्पात मंत्रालय ने किस आधार पर मंजूरी दी ?

बीएकेएस अध्यक्ष हरिओम ने सवाल उठाया है कि बाईपार्टाईट कमेटी बनाने में क्या उस समय श्रम मंत्रालय ने सहमति दी थी ? बगैर किसी कानून के गठित एनजेसीएस में किये गये सभी समझौते को इस्पात मंत्रालय ने किस आधार पर मंजूरी दी है ? चूंकि मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में है, जहां एनजेसीएस से जुड़े पक्षों जैसे इस्पात मंत्रालय व सेल प्रबंधन को जवाब देना है. अब न्यायालय को भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने का आधार मिल जायेगा. इस्पात मंत्रालय को नये सिरे से एनजेसीएस को गठन करना होगा.

एनजेसीएस के गठन के लिए बीएकेएस की मांग : सेल के सभी यूनिट व आरआइएनएल से सिर्फ निर्वाचित रिकॉगनाईज्ड यूनियन को ही स्थान, एनजेसीएस मीटिंग को प्रत्येक तिमाही वित्तीय परिणाम के बाद आयोजित किया जाये, एनजेसीएस की मीटिंग की अध्यक्षता पहले वर्ष यूनियन प्रतिनिधि करे व दूसरे वर्ष मैनेजमेंट करे व एनजेसीएस की मीटिंग का वार्षिक एजेंडा तय किया जाये व समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित हो

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MANOJ KUMAR

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