सरकारी विद्यालयों में तड़ित चालक का अभाव, बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

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01,02,03 | Prabhat Khabar Network

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बोकारो के 1560 सरकारी स्कूलों में तड़ित चालक खराब होने से बच्चों की सुरक्षा पर संकट। मानसून के दौरान वज्रपात का खतरा बढ़ा, प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन।

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बोकारो: मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ने के साथ ही बोकारो जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गयी है. जिले में प्राथमिक, मध्य, उत्क्रमित, उच्च व प्लस-टू स्तर के करीब 1560 सरकारी विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं.

ऐसे में विद्यालय भवनों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) की उपलब्धता और उसकी कार्यशील स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं. कई विद्यालयों में तड़ित चालक खराब होने, रखरखाव नहीं होने तथा कुछ स्थानों पर उसके हिस्से चोरी होने की शिकायतें सामने आई हैं. इसमें कॉ-ओपरेटिव कॉलोनी स्थित राजकीयकृत प्राथमिक विद्यालय, लकड़ाखंदा स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय, सेक्टर-01 सी विकाश नगर स्थित नव प्राथमिक विद्यालय सहित अन्य विद्यालय शामिल है. वज्रपात प्रभावित जिला है बोकारो

बोकारो झारखंड के उन जिलों में शामिल है, जहां हर वर्ष मानसून के दौरान वज्रपात की घटनाएं होती हैं. कई बार लोगों की जान जाने और मवेशियों की मौत की घटनाएं भी सामने आती हैं. जिले के गोमिया, पेटरवार, नावाडीह, जरीडीह, कसमार, चंद्रपुरा सहित कई प्रखंडों के सरकारी विद्यालय खुले मैदान या ऊंचे स्थानों पर स्थित हैं. ऐसे क्षेत्रों में तड़ित चालक बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. क्या है तड़ित चालक और क्यों है जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार तड़ित चालक भवन पर गिरने वाली आकाशीय बिजली को सुरक्षित तरीके से अर्थिंग के माध्यम से जमीन तक पहुंचा देता है. इससे भवन और उसमें मौजूद लोगों को नुकसान होने की आशंका काफी कम हो जाती है. यदि तड़ित चालक खराब हो जाए, उसका अर्थिंग सिस्टम काम नहीं करे या उसका कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उसकी उपयोगिता समाप्त हो जाती है. रखरखाव की कमी बनी चिंता का कारण

शिक्षा विभाग के अनुसार कई विद्यालयों में वर्षों पहले तड़ित चालक लगाए गए थे, लेकिन उनकी नियमित जांच नहीं हो रही है. कुछ स्थानों पर उपकरण क्षतिग्रस्त होने के बाद भी मरम्मत नहीं कराई गई, जबकि कुछ विद्यालयों से कॉपर तार चोरी होने की शिकायतें भी मिली हैं. ऐसे में बरसात के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है. 1560 विद्यालयों का सर्वे जरुरी जानकारों का मानना है कि जिले के सभी 1560 सरकारी विद्यालयों में तड़ित चालक की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए. जहां उपकरण नहीं हैं या खराब हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर उनकी स्थापना और मरम्मत कराई जानी चाहिए. साथ ही प्रत्येक विद्यालय में समय-समय पर निरीक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए. डीईओ : भेजा जाएगा प्रस्ताव जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने कहा कि जिन विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं है या खराब हो गया है, वहां स्थापना और मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेजा जाएगा. विद्यार्थियों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. डीएसई : सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा जिला शिक्षा अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार चौबे ने कहा कि विद्यालयों में तड़ित चालक की उपलब्धता और उसकी कार्यशील स्थिति की समीक्षा कराई जाएगी. जहां तड़ित चालक नहीं है, खराब है अथवा किसी कारणवश निष्प्रभावी हो गया है, वहां रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. धर्मनाथ कुमार


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