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Jharkhand News : बोकारो एयरपोर्ट से विमानों के उड़ान भरने पर अब भी संशय बरकरार, DGCA को नहीं मिला आवेदन

बोकारो एयरपोर्ट से विमानों के उड़ान भरने पर संशय अब भी बरकरार है. अभी भी कई निर्माण कार्य बाकी हैं, वहीं एरोड्रम लाइसेंस का एप्लिकेशन DGCA को नहीं भेजा गया है. यही कारण है कि फिलहाल बगैर लाइसेंस के कॉमर्शियल उड़ान शुरू नहीं हो सकती है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
बोकारो एयरपोर्ट से अभी विमानों के उड़ान भरने में है देरी.
बोकारो एयरपोर्ट से अभी विमानों के उड़ान भरने में है देरी.
सोशल मीडिया.

Jharkhand News (बोकारो) : बोकारो में तैयार हो रहे एयरपोर्ट के शुरू होने की चर्चा तेज हो गयी है. हर दो माह बाद एयरपोर्ट से व्यवसायिक उड़ान शुरू करने की चर्चा होती है. फिर मामला शांत हो जाता है. बाेकारो एयरपोर्ट से उड़ान के लिए ना तो एयरपोर्ट पूरी तरह से तैयार है और ना ही नागर विमानन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation- DGCA) से लाइसेंस ही मिला है. आसपास अतिक्रमण भी नहीं हटा है. ऐसे में एक-दो माह में एयरपोर्ट शुरू होने के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है.

28 दिसंबर को दिया गया था एप्लिकेशन फॉर्म

BSL प्रबंधन दिसंबर 2020 में अब तक DGCA को एरोड्रम लाइसेंस का एप्लिकेशन तक नहीं भेजा है और बगैर लाइसेंस के कॉमर्शियल उड़ान शुरू नहीं हो सकती. 28 दिसंबर, 2020 को AAI डायरेक्टर बिनोद शर्मा और BSL के विमानन विभाग के प्रभारी लक्ष्मी दास के बीच रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में बैठक हुई थी.

सूत्रों के अनुसार, उस बैठक में यह चर्चा हुई थी कि एरोड्रम लाइसेंस की प्रक्रिया को निर्माण गतिविधियों के साथ-साथ निष्पादित किया जाये, ताकि एक बार विस्तार कार्य पूरा हो जाये, तो जल्द ही उड़ानें भी चालू हो सके. इस बैठक में BSL अधिकारियों को एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एप्लिकेशन फॉर्म भी दिया गया था.

लाइसेंस मिलने में आवेदन के बाद भी लगता है तीन माह का समय

बताया जाता है कि एप्लिकेशन फॉर्म को भर कर DGCA को भेजने के बाद लाइसेंस मिलने में करीब तीन महीने का वक्त लगता है. DGCA को एप्लिकेशन प्राप्त होने के बाद उसकी टीम एयरपोर्ट जाकर बारीकी से निरीक्षण करती है. फिर उस पर अपना मंतव्य देती है. उसके आधार पर अगर सुधार की जरूरता होती है, तो उन कमियों को सुधारा जाता है. उसके बाद ही कॉमर्शियल उड़ान का लाइसेंस एयरपोर्ट को मिलता है. इस प्रक्रिया में अमूमन तीन महीने का वक्त लगता है.

क्या-क्या हुआ है काम

फायर स्टेशन बनने और ग्रेडिंग ऑफ बेसिक स्ट्रिप का काम फाइनल स्टेज पर है. कुछ दिन पहले ATC टावर लग गया है. सिक्युरिटी क्लियरेंस के लिए भी ब्यूरो ऑफ सिविल एविएेशन सिक्युरिटी की टीम आकर इंस्पेक्शन कर चली गयी है.

क्या-क्या है बाकी

बोकारो एयरपोर्ट के लिए फायर स्टेशन व एप्रोच रोड, लाइट, 72 सीट वाली हवाई सेवा के लिए संचालक से MoU भी अभी होना है. वहीं, एयरपोर्ट के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी होनी है. झाड़ियों की दोबारा कटाई के बाद आसपास से अतिक्रमण भी हटाना है.

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