एनएच-32 पर चार दिन में पांच मौतों से दहशत, सुरक्षा इंतजाम की मांग
एनएच 32 सड़क | Prabhat Khabar Network
पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से गुजरने वाले बोकारो-पुरुलिया NH-32 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने लोगों में खौफ पैदा कर दिया है. पिछले चार दिनों में पांच लोगों की मौत के बाद, स्थानीय निवासी तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं.
पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाले बोकारो-पुरुलिया एनएच-32 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले चार दिनों में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और सरकार से दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है.
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अंधेरे में बढ़ जाता है हादसे का खतरा
जिप सदस्य राजेश कुमार महतो, संदीप कुमार राय, प्रकाश माहथा, संतोष कुमार महतो, हजारी प्रसाद महतो, बाटुल प्रमाणिक समेत स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि एनएच-32 के कई हिस्सों में रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं रहती है. इससे वाहन चालकों के लिए सड़क पर मौजूद अवरोधों को समय पर देख पाना मुश्किल हो जाता है. लोगों ने काजू वन के समीप विशेष रूप से स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है.
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के किनारे बड़े वाहनों के खड़े रहने से भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. रात के अंधेरे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहन चालकों को सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों का पता समय पर नहीं चल पाता, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है.
एक बाइक पर सवार चार युवकों की हुई थी मौत
14 अगस्त की रात पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के सिधावनी के समीप हुए हादसे में एक ही बाइक पर सवार आमाडीह गांव के चार युवकों की मौत हो गयी थी. मृतकों की पहचान 17 वर्षीय बुलेट प्रमाणिक, 15 वर्षीय आनंद महतो, 17 वर्षीय डाक्टर महतो और 18 वर्षीय धना महतो के रूप में हुई थी.
इसके बाद 18 अगस्त को काजू वन के समीप हुए सड़क हादसे में काशीझरिया पंचायत के बाजुडीह गांव निवासी 50 वर्षीय विजय माहथा की मौत हो गयी. लगातार हुई इन दुर्घटनाओं ने इलाके में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं.
समय रहते कदम उठाने की मांग
चार दिनों के भीतर पांच लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एनएच-32 का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां स्ट्रीट लाइट, संकेतक और अन्य सुरक्षा व्यवस्था की जाये. इसके साथ ही सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े बड़े वाहनों पर कार्रवाई और जरूरत वाले हिस्सों में सड़क चौड़ीकरण कराया जाये.
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इन समस्याओं पर ठोस कार्रवाई की गयी तो एनएच-32 पर सड़क हादसों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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