आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए : निदेशक

बोकारो में गिफ्ट ऑफ लाइफ कार्यक्रम के तहत 259 बच्चों की हृदय जांच हुई। पात्र बच्चों को मिलेगा नि:शुल्क उपचार और हृदय सर्जरी की सुविधा।
संवाददाता, बोकारो
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) व अमृता कोच्चि अस्पताल, मैसूर (केरल) के संयुक्त तत्वावधान में शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) में शनिवार को 'गिफ्ट ऑफ़ लाइफ' कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में जन्म से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए नि:शुल्क जांच एवं परामर्श की व्यवस्था की गई. विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा 259 बच्चों की हृदय संबंधी जांच की गई. जांच के दौरान 40 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग अथवा अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि हुई. उन्हें कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क उपचार एवं आवश्यकता पड़ने पर हृदय सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं से जोड़ते हुए उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन प्रदान करना है. जन्मजात हृदय रोग की समय पर पहचान एवं उचित उपचार से बच्चों का जीवन पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ बनाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से विशेष शिविर का आयोजन किया गया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चे इसका लाभ प्राप्त कर सकें. एनआरएचएम निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि गिफ्ट ऑफ़ लाइफ' कार्यक्रम का उद्देश्य जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है. आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे के इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए. आरबीएसके के माध्यम से चिन्हित बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच कर आवश्यकतानुसार नि:शुल्क सर्जरी एवं उपचार की व्यवस्था की जाएगी. डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि गिफ्ट ऑफ लाइफ' कार्यक्रम जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है. रंजीत कुमार
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By Prabhat Khabar News Desk
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