अमेरिका की उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा दे रहे डॉ जयदेव

Updated at : 15 Jun 2024 1:19 AM (IST)
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अमेरिका की उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा दे रहे डॉ जयदेव

सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में चला रहे छात्रवृत्ति जागरूकता व व्यापक करियर दिशा-निर्देश कार्यक्रम

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ब्रह्मदेव दुबे, पिंड्राजोरा.

‘शिक्षा दुनिया में दी जानेवाली सबसे महत्वपूर्ण उपहार है, जो समाज को शक्तिशाली और प्रगतिशील बनाती है. अगर मेरी उच्च शिक्षा मेरे गांव और देश के काम नहीं आ पायी, तो उसका कोई महत्व नहीं है.’ बोकारो जिले के चास प्रखंड अंतर्गत पिंड्राजोरा गांव के रहनेवाले डॉ जयदेव कुमार महतो के ये शब्द उनकी व्यापक सोच और दृष्टि को रेखांकित करते हैं. पूर्व मुखिया गोराचांद महतो व तारा देवी के पुत्र डॉ जयदेव अमेरिका की उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा रहे हैं. इनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल सर्वोदय उच्च विद्यालय प्लस टू पिंड्राजोरा से हुई. 35 वर्ष के डॉ जयदेव का मानना है कि उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मार्गदर्शन, आर्थिक समस्या तथा अंग्रेजी भाषा में जागरूकता की कमी के कारण उच्च शिक्षा का सपना देखना एक बड़ी चुनौती थी. इन चुनौतियों को जयदेव ने एक अवसर के रूप में देखा और अंततः उनकी शैक्षणिक योग्यता उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका तक ले गयी.

स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क से किया पोस्ट डॉक्टरल साइंटिस्ट :

जयदेव स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयाॅर्क के पोस्ट डॉक्टरल साइंटिस्ट के लिए चयनित हुए थे. इससे पहले उन्होंने देश के सर्वोच्च शिक्षण संस्थान बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) से पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर और आइआइटी आइएसएम धनबाद से ड्रिंकिंग वाटर में पीएचडी पूरी की थी. अमेरिका में डॉ जयदेव ने वहां के वैज्ञानिक के साथ मिलकर पेयजल में पाये जाने वाले एक उभरते प्रदूषक पीएफएएस कंपाउंड के उपचार तथा फूड वेस्ट से बायो डीजल बनाने की प्रक्रिया पर शोध किया. वाटर रिसर्च से क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक इनके 20 से ज्यादा रिसर्च आर्टिकल, छह बुक चैप्टर और एक पूरी किताब प्रकाशित हो चुकी है. एक साल के पोस्ट डॉक्टरल के बाद उनको अमेरिका में नौकरी का प्रस्ताव भी मिला, पर समाजसेवा में रुचि होने के वजह से जयदेव अपनी उच्च वेतन वाली नौकरी छोड़ भारत लौटने का निर्णय लिये.

चला रहे ‘शिक्षा सबका अधिकार’ अभियान :

पिंड्राजोरा आने के बाद जयदेव अपने एनजीओ ‘झारखंड फाउंडेशन केंद्र’ के माध्यम से ग्रामीण विकास, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं. उनका मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की बड़ी समस्या वित्तीय सहायता और उचित मागदर्शन है. हर साल हजारों छात्रों को अर्थाभाव में अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती है. आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे विद्याथियों के लिए डॉ जयदेव ‘शिक्षा सबका अधिकार’ नाम से अभियान चला रहे हैं. वह सुदूर ग्रामीण स्कूलों में जाकर बच्चों की प्रतिभा और सपने पूरा करने के लिए छात्रवृत्ति जागरूकता एवं व्यापक करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम चला रहे हैं, ताकि पैसे के अभाव में एक भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रह जाये. अभी तक वह झारखंड के 10 से भी ज्यादा स्कूल तक पहुंच चुके हैं. वह राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में पहुंच कर शिक्षा में क्रांति लाना चाहते हैं.

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