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झारखंड में डेंगू का डंक : बोकारो में निजी लैब की रिपोर्ट को Dengue क्यों नहीं मान रहा मलेरिया विभाग

Updated at : 29 Aug 2022 6:26 AM (IST)
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झारखंड में डेंगू का डंक : बोकारो में निजी लैब की रिपोर्ट को Dengue क्यों नहीं मान रहा मलेरिया विभाग

Jharkhand News : डेढ़ माह से बोकारो के निजी अस्पतालों में बुखार के दर्जनों मरीज लगातार भर्ती हो रहे हैं. चिकित्सक डेंगू मानकर इलाज भी कर रहे हैं. इसे लेकर बोकारो डरा-सहमा भी है. इसके बावजूद मलेरिया विभाग बुखार को डेंगू बुखार नहीं मानता है. आइजीजी व आइजीएम किट की जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट ही डेंगू है.

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Jharkhand News : डेढ़ माह से बोकारो के निजी अस्पतालों में बुखार के दर्जनों मरीज लगातार भर्ती हो रहे हैं. चिकित्सक डेंगू मानकर इलाज भी कर रहे हैं. इसे लेकर बोकारो डरा-सहमा भी है. इसके बावजूद मलेरिया विभाग बुखार को डेंगू बुखार नहीं मानता है. विभाग के अनुसार आइजीजी व आइजीएम किट की जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट ही डेंगू है. एक माह में विभाग ने डेंगू जांच के नाम पर केवल 16 सैंपल (छह 15 दिन पूर्व व 10 सैंपल 27 अगस्त को) एकत्र कर धनबाद भेजा है. छह रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है, जबकि 10 सैंपल अभी पेंडिंग हैं.

बुखार के मरीज लगातार बढ़ रहे : सरकारी हो या निजी अस्पताल, सभी जगहों पर बुखार के दर्जनों मरीज भरे हैं. ओपीडी में 80 प्रतिशत मरीज बुखार के हैं. निजी अस्पतालों में आए मरीजों की एनएस 1 किट से जांच के बाद डेंगू की पुष्टि हो रही है. रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक डेंगू मान कर इलाज कर रहे हैं. विभाग एनएस 1 किट की जांच में डेंगू को नकार रहा है. विभाग के अनुसार बोकारो में मौसमी बुखार के मरीज हैं.

निजी अस्पतालों में डेंगू के दो दर्जन मरीज : सेक्टर आठ, सेक्टर नौ, सेक्टर चार, सेक्टर छह, सेक्टर पांच, सेक्टर 12, को-ऑपरेटिव कॉलोनी सहित आसपास के गांवों के अधिकांश लोग बुखार से आक्रांत हो रहे हैं. चिकित्सकों के अनुसार निजी अस्पतालों में फिलहाल दो दर्जन से अधिक लोगों का डेंगू का इलाज चल रहा है. लगातार बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. मरीजों के परिजनों को सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है. ऐसे में लगातार वे निजी अस्पतालों में दाखिल हो रहे हैं. सदर अस्पताल के पूर्व सर्जन डॉ निर्मल कुमार का भी डेंगू का इलाज बीजीएच में हुआ.

सूचना पर जाती है टीम : डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति कर रहा है. डेंगू (निजी लैब की जांच रिपोर्ट में) के मरीजों की सूचना मिलने पर मलेरिया विभाग की टीम पहुंचती जरूर है, पर निजी लैब की रिपोर्ट को सही नहीं मानती है. मरीज का ब्लड सैंपल फिर डेंगू जांच के लिए धनबाद व रिम्स रांची पैथोलॉजी लैब भेजा जाता है. सैंपल की रिपोर्ट सरकारी लैब से आती है. तब तक मरीज स्वस्थ्य होकर घर जा चुका होता है.

सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी

सदर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी का असर स्वास्थ्य सेवा पर पड़ रहा है. बुखार की समस्या लेकर सदर अस्पताल आनवाले मरीज दिखा कर वापस लौट जाते हैं. बुखार के मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. सदर अस्पताल के ओपीडी में रोजाना बुखार की समस्या लेकर लगभग 150 मरीज आ रहे हैं. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार व्यवस्था रखी गयी है, पर मरीज दाखिल नहीं हो रहे.

सिविल सर्जन डॉ एबी प्रसाद ने कहा कि लगातार बुखार के मामले सामने आ रहे हैं. मलेरिया विभाग को सूचना दी जा रही है. सदर अस्पताल में डेंगू इलाज की व्यवस्था है. सरकारी अस्पताल में आना चाहिए. निजी अस्पतालों से मरीजों की संख्या मांगी गयी है. लगातार छिड़काव के निर्देश दिये जा रहे हैं.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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