Bokaro News : अलकुशा मोड़ पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प, सियालजोरी थाना प्रभारी सहित कई घायल
Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 20 Aug 2025 11:23 PM
Bokaro News : झारखंड शोषण मुक्ति उलगुलान मंच ने वेदांता इएसएल स्टील लिमिटेड के खिलाफ आर्थिक नाकेबंदी की घोषणा की थी, हंगामे को लेकर दर्जनों ग्रामीण लिये गये हिरासत में.
तलगड़िया, झारखंड शोषण मुक्ति उलगुलान मंच की ओर से बुधवार को वेदांता इएसएल स्टील लिमिटेड के खिलाफ घोषित आर्थिक नाकेबंदी के दौरान अलकुशा मोड़ पर पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार झड़प हो गयी. मामले को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो प्रदर्शनकारी भाग निकले. दोनों तरफ से हुई झड़प में सियालजोरी थाना प्रभारी मनीष कुमार सहित ग्रामीण संध्या देवी के सिर पर चोट आयी. इस कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति है.
खेतों में जलजमाव, नियोजन, रोजगार व मुआवजे की मांग को लेकर लोगों ने किया था रोड जाम
जानकारी के अनुसार पहले से तय आंदोलन के तहत खेतों में जलजमाव, नियोजन व मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण अलकुशा मोड़ पर सड़क जाम कर धरना पर बैठ गये. सूचना मिलने पर सियालजोरी थाना प्रभारी मनीष कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे. इस दौरान चास अंचल के कई थाने के प्रभारी व जवान भी वहां पहुंचे थे. उन लोगों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी वार्ता प्रशासन व कंपनी प्रबंधन से करायेंगे. पुलिस के अनुसार बातचीत के दौरान भीड़ उग्र हो गयी. इस क्रम में थाना प्रभारी मनीष कुमार के सिर में चोट लगी. इस पर पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठी भांजी. इससे लोग भाग निकले. घायल थाना प्रभारी को तत्काल बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर चार स्थित एक अस्पताल ले जाया गया, वहीं घायल ग्रामीण महिला का भी इलाज कराया गया.
दोपहर 12 बजे हटा जाम
पुलिस के कड़े रुख के बाद जाम कर रहे लोग वहां से भाग निकले. पुलिस ने ग्रामीणों के टेंट को वहां से हटा दिया. इस वजह से दोपहर 12 बजे तक वहां से जाम हट गया था. इस दौरान पुलिस ने एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी महिला व पुरुष को हिरासत में ले लिया. उन्हें चास मुफस्सिल थाना जाया गया. तनाव को देखते हुए वहां पर पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त बल की तैनाती कर दी है.बोलीं संध्या देवी
घायल संध्या देवी ने बताया कि पुलिस दल में महिला पुलिस नहीं थी. सभी पुरुष जवान थे. वो लोग वहां पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे. इसी बीच पुलिस ने आंदोलनकारी का कॉलर पकड़ा, जिसे बचाने वह दौड़ीं, तो उनको मार दिया गया.कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं : एसपी
मामले को लेकर जिले के एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि बिना परमिशन के लोग धरना पर बैठ गये थे. मुख्य मार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया गया था. आने-जाने वाले लोगों से बदतमीजी की जा रही थी. लोगों की गाड़ियों की चाबियां छीन ली जा रही थी. जब सियालजोरी थाना प्रभारी ने समझने की कोशिश की, तो धरना-प्रदर्शन करने वाले उत्तेजित हो गये. थाना प्रभारी से दुर्व्यवहार करते हुए लाठी चलना शुरू कर दिया. इसमें थाना प्रभारी घायल हो गये. स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. कानून तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं है.कंपनी ने की घटना की निंदा
वेदांता इलेक्ट्रोस्टील की प्रवक्ता दिव्या त्रिपाठी ने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है. कंपनी इस घटना की निंदा करती है. इस प्रदर्शन के लिए कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं थी. इसमें शामिल लोग रैयत नहीं हैं. इएसएल हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों को प्राथमिकता देती है. इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए अग्रसर है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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