Bokaro News: ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से ट्रक मालिकों को हो रही परेशानी, प्रभात खबर संवाद कार्यक्रम में साझा किया दर्द

Updated at : 30 Jan 2025 8:49 PM (IST)
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प्रभात खबर पाठक संवाद कार्यक्रम में शामिल ट्रक मालिक

प्रभात खबर पाठक संवाद कार्यक्रम में शामिल ट्रक मालिक

Bokaro News: बोकारो के चास में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से ट्रक मालिकों को भारी परेशानी हो रही है. ये बातें उन्होंने प्रभात खबर के संवाद कार्यक्रम में कही. उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए वर्षों से योजना बन रही है लेकिन कभी धरातल पर नहीं उतर सका है.

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बोकारो : चास नगर निगम क्षेत्र में सड़कों का चौड़ीकरण तो हो गया है. लेकिन लोगों को इसका लाभ नहीं नहीं मिल रहा. ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण नहीं होने के कारण जोधाडीह मोड़ से आइटीआइ मोड़ तक, तलगड़िया मोड़ से बाधाडीह तक, चास पुरुलिया मुख्य पथ व नया फोरलेन के सड़क किनारे ट्रक दिन-रात खड़े रहते है. इससे लोगों को आवागमन करने में बहुत परेशानी होती है. गुरुवार को चास जोधाडीह मोड़ में ट्रक व्यावसायिक पारिवारिक और चास बोकारो ट्रक ऑनर वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों के साथ प्रभात खबर पाठक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. संवाद के दौरान सभी ट्रक मालिकों ने अपना दर्द बताया.

वर्षों से बन रही ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की योजना

एसोसिएशन के सदस्य नारायण शर्मा, बबन राय, ब्रह्मचारी महेश कुमार, अशरफ कुरैशी, दीपक कुमार, राजनारायण राय, कुणाल सिंह सहित अन्य ने कहा कि पूरे चास में पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है. वर्षों से ट्रांसपोर्ट नगर बनाने की सिर्फ योजना ही बन रही है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा है. इस कारण हमलोगों को भारी समस्या हो रही है. मजबूर होकर ट्रक मालिकों को अपना गाड़ी सड़क किनारे खड़ी करना पड़ रही है. कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर बनाने के लिए कई बार एसोसिएशन के सदस्य उपायुक्त और जनप्रतिनिधि से मिले, लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है.

सरकार को राजस्व देने में आगे, लेकिन सुविधा कुछ नहीं

संवाद कार्यक्रम के दौरान कुलवंत सिंह, बासुदेव महतो, पवन राय, अशोक दूबे, शार्दुल शर्मा, मुकेश कुमार, संजय राय, अजीत मिस्त्री सहित अन्य ट्रक मालिकों ने कहा कि भारी वाहनों से सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है. लेकिन हमलोगों को सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है. मजबूर होकर हमलोग अपना ट्रक को सड़क किनारे खड़ा करते है जिसके कारण ट्रक का टायर, बैटरी व तेल की चोरी होते रहती है. कहा कि सड़क किनारे खड़े ट्रक का जिला प्रशासन द्वारा मनमानी तरीके से जुर्माना वसूला जाता है. साथ ही राज्य सरकार किसी भी ट्रक एसोसिएशन की सहमति और जानकारी दिए बिना मनमानी तरीके से टैक्स की बढ़ोतरी भी कर देती है. विभिन्न पर्व-त्योहारों व राजनीतिक आयोजन में जबरदस्ती चंदा लिया जाता है. हैवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर ड्राइवर से कुछ वेंडर के माध्यम से संबंधित विभाग 30 हजार रुपये की मांग करती है. इसके कारण ट्रक मालिकों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है. इस सभी विषयों में जिला प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए. सभी ट्रक मालिकों ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण जल्द से जल्द हो इसके लिए फिर से बोकारो उपायुक्त से मिलकर आग्रह करेंगे. जब तक निर्माण नहीं होगा तब तक समस्या का समाधान नहीं हो सकता.

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आवारा कुत्तों से परेशान हैं चासवासी

ट्रक मालिकों ने आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान लोगों की समस्या को भी बताया. अभिमन्यु सिंह, रवि कुमार, महेश कुमार, संजीव सिंह, गौरव कुमार सहित अन्य ने कहा कि पूरे नगर निगम क्षेत्र में लोग आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान है. रात को महिला व बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. कई कॉलोनियों में आवारा और पागल कुत्तों ने लोगो को काट कर घायल किया है. कहा कि जिस प्रकार बोकारो शहर में आवारा कुत्तों से बचने के लिए नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जाता है, उसी प्रकार निगम प्रशासन को भी पहल करना चाहिए. इससे आम लोगों को कुत्तों के आतंक से राहत मिल सके.

सड़क किनारे कचरा डंप होने से होती है दुर्घटना

वहीं कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि चास आइटीआई मोड़, नया फोरलेन और तेलीडीह मोड़ सड़क किनारे निगम द्वारा कचरा डंप किया जाता है. कचरा में जानवर अपना भोजन तलाशने पहुंच जाते है. कई बार जानवर अचानक सड़क की ओर दौड़ देते, जिस कारण दुर्घटना होती है और दोषी ड्राइवर बनता है. सड़क किनारे डंपिंग को निगम प्रशासन को अविलंब बंद करना चाहिए. कहा कि निगम ने चास बस स्टैंड की बंदोबस्ती की है. लेकिन चास के विभिन्न चौक-चौराहों पर गलत तरीके से पैसा वसूली की जा रही है. इस कारण भी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. लोगों ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चास के विभिन्न चौक-चौराहों पर ट्रैफिक का नियम उल्लंघन करने वालों से जुर्माना वसूला जाता है, लेकिन चास में हो रही सड़क जाम को हटाने का प्रयास सही तरीके से नहीं किया जाता है. इसके कारण आम लोगों को बहुत परेशानी होती है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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