ePaper

काबुल में फंसे बोकारो के बबलू बोले- एक होटल में ठहरे हैं करीब 250 भारतीय, वतन वापसी की सता रही है चिंता

Updated at : 19 Aug 2021 10:27 PM (IST)
विज्ञापन
काबुल में फंसे बोकारो के बबलू बोले- एक होटल में ठहरे हैं करीब 250 भारतीय, वतन वापसी की सता रही है चिंता

बोकारो के बबलू समेत करीब 250 भारतीय आज भी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में फंसे हुए हैं. सभी भारतीय काबुल के एक होटल में ठहरे हैं. यहां से वतन वापस लाने के प्रयास किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में बोकारो के गांधीनगर निवासी बबलू कुमार भी काबुल में फंसे हुए हैं.

विज्ञापन

Jharkhand News (गांधीनगर, बोकारो) : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में फंसे बोकारो जिला के बेरमो कोयलांचल स्थित गांधीनगर निवासी बबलू कुमार ने बताया कि नई दिल्ली से आये प्रतिनिधि ने हम सभी भारतीयों को अपने-अपने गेस्ट हाउस से निकालकर एक होटल में रखा हुआ है, जहां करीब 250 भारतीय रह रहे हैं. आज सुबह हम सभी लोग एयरपोर्ट जाने का प्रयास किये थे, लेकिन सुबह से ही एयरपोर्ट में फायरिंग हो रही है जो अभी देर रात भारतीय समयानुसार 9 बजे तक जारी थी. बताया कि यहां सभी भारतीय सुरक्षित हैं.

गुरुवार की रात करीब 9 बजे प्रभात खबर से बबलू की लगभग 5 मिनट बातचीत हुई. इस बातचीत में बबूल ने अपनी पीड़ा से अवगत कराया. बताया कि घर की बहुत याद आ रही है. हम किसी तरह वतन वापस लौटना चाह रहे हैं. बबलू ने यह भी बताया कि C-17 विमान एयरपोर्ट पर आकर खड़ी है. यह जानकारी दी गयी है.

बबलू ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा है कि हमारे आदेश का इंतजार करें. आप लोग होटल से कहीं बाहर नहीं निकले. कहा कि वे लोग जब गेस्ट हाउस में थे, तो 3-4 वैन में तालिबानी लड़ाके दो-तीन बार वहां पहुंचे और हम सबों से कई जानकारियां ली. पूछा कि आप सब कहां के रहने वाले हो और अपने वतन क्यों जानना चाहते हो यहीं रहो. हमारे कमांडर के आदेश का इंतजार करो. वे सभी हथियार से लैस थे.

Also Read: झारखंड में Tribal Girl से शादी को राजी नहीं हुआ परिवार, तो प्रेमी युगल ने की जान देने की कोशिश

बबलू ने कहा कि हम सभी होटल में अगले आदेश के इंतजार में बैठे हैं. जैसे ही आदेश मिलेगा हम सभी एयरपोर्ट की और कूच करेंगे. जिस होटल में हम ठहरे हैं वहां से गोलियों के तड़तड़ाहट की आवाज लगातार मिल रही है.

परिजन है चिंतित, पत्नी की आंखें है डबडबाई

इधर, गांधीनगर के गोटी धौड़ा में बबलू के परिजन चिंतित हैं. आज सुबह से मीडिया वालों का जमावड़ा उनके घर पर लगा रहा. बबलू की पत्नी लाखो देवी की आंखें पति की याद में डबडबाई हुए थे. वह कहती हैं कि मेरे दो छोटे- छोटे बच्चे हैं. पति सुरक्षित घर चले आये, यही हम ईश्वर से कामना कर रहे हैं.

वहीं, बबलू के भाई अशोक कुमार, दीपू कुमार, सुभाष कुमार और लाल बाबू ने संयुक्त रूप से कहा कि भाई से दिनभर में कभी-कभार बात हो पाती है. वह भी थोड़ी देर के लिए. वह भी वहां से भारत आने के लिए आतुर है. बताया कि मुख्यमंत्री तथा सरकार द्वारा जारी किये गये टोल फ्री नंबर में भी एक बार बात हुई है जिसके बाद फोन नहीं उठाया जा रहा है.

Also Read: झारखंड में बिरसा हरित ग्राम व दीदी बाड़ी योजना से ग्रामीणों की बदल रही जिंदगी, मनरेगा बन रहा वरदान

बबलू के भाइयों ने कहा कि शुक्रवार को बोकारो डीसी से मिलकर अपने भाई को वापस लाने की गुहार लगायेंगे. पूरा परिवार टीवी में समाचार देखते रहते हैं कि सरकार द्वारा काबुल से वहां फंसे लोगों को लाने के लिए क्या किया जा रहा है.

Posted By : Samir Ranjan.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola