बोकारो जेनरल अस्पताल नहीं बनेगा मेडिकल कॉलेज

Updated at : 04 Dec 2019 2:37 AM (IST)
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बोकारो जेनरल अस्पताल नहीं बनेगा मेडिकल कॉलेज

बोकारो : बोकारो जेनरल अस्पताल मेडिकल कॉलेज नहीं बनेगा. इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सेल की इकाइयों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित करने का प्रस्ताव नहीं हैं. वह सांसद डॉ. सुभाष सरकार द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब दे रहे थे. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के […]

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बोकारो : बोकारो जेनरल अस्पताल मेडिकल कॉलेज नहीं बनेगा. इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि सेल की इकाइयों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित करने का प्रस्ताव नहीं हैं. वह सांसद डॉ. सुभाष सरकार द्वारा पूछे गये प्रश्न का जवाब दे रहे थे.

उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के पास इस्पात संयंत्रों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलज में परिवर्तित करने का प्रस्ताव है? इन अस्पतालों में इसके लिए पर्याप्त आधारभूत संरचना उपलब्ध है?

बोकारो में एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं है. मेडिकल की पढ़ाई के लिए बोकारो के सैकड़ों विद्यार्थी हर साल बोकारो से बाहर जाते हैं. इसलिए बोकारो में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग लंबे अरसे से की जा रही है. बीजीएच में मेडिकल कॉलेज खोलने की चर्चा कई बार हुई. लगभग पांच वर्ष पूर्व इसकी चर्चा जोरों पर थी. इसको लेकर बातचीत भी शुरू हो गयी थी. कारण, यहां मेडिकल कॉलेज की आधारभूत संरचना उपलब्ध है. इधर, कई साल से इस चर्चा पर विराम-सा लग गया था.
इस वर्ष भ्रष्टाचार के 424 मामले दर्ज: महाराष्ट्र से भाजपा सांसद प्रतापराव पाटिल चिखलीकर के सवाल के जवाब में इस्पात मंत्री श्री प्रधान ने बताया कि सेल में भ्रष्टाचार, अनियमितता व नियमों के उल्लंघन आदि के आरोप संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं. वर्ष 2019 के दौरान दर्ज 424 में से 119 शिकायतें जांच के विभिन्न चरणों में हैं. 31 अक्तूबर 2019 तक 106 कार्मिकों में से 19 के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई चल रही है. शेष 87 के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई पूरी हो गयी है. 2017-19 के दौरान कुल 109 कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई पूरी हो गयी है.
कदाचार की प्रकृति के आधार पर सात कर्मियों को सेवा से हटाने-बर्खास्त करने जैसी कठोर कार्रवाई सहित 105 कर्मियों को उचित सजा दी गयी है. 109 कार्मिकों में चार को अनुशासनिक कार्रवाई के निष्कर्षों के आधार पर निर्दोष पाया गया है. 2017 में 537, 2018 में 574 और 2019 में 424 शिकायतें मिलीं. 2017 में 21, 2018 में 49 व 2019 में 39 कर्मियों पर अनुशासनिक कार्रवाई की गयी.
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