शिक्षा के नाम पर मासूमों की जिंदगी से खेल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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विभागीय लापरवाही. जिला के 132 विद्यालय भवन जर्जर, कभी भी हो सकती है बड़ी घटना चास : जिले के 132 सरकारी विद्यालय के भवन जर्जर स्थिति में है. फिलहाल जर्जर भवन में ही विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार अधिकांश विद्यालय में औसतन पांच सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. शिक्षा परियोजना बोकारो ने […]
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विभागीय लापरवाही. जिला के 132 विद्यालय भवन जर्जर, कभी भी हो सकती है बड़ी घटना
चास : जिले के 132 सरकारी विद्यालय के भवन जर्जर स्थिति में है. फिलहाल जर्जर भवन में ही विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार अधिकांश विद्यालय में औसतन पांच सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. शिक्षा परियोजना बोकारो ने जर्जर स्कूल भवन को चिह्नित किया है साथ ही इनको अनुपयोगी घोषित कराने के लिये कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल बोकारो को पत्राचार किया है. करीबन तीन माह बीत जाने के बाद भी भवन प्रमंडल बोकारो की ओर से जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के लिये अन्नापत्ति प्रमाण पत्र जारीं नही किया गया है. भवन प्रमंडल ने अभी तक निरीक्षण भी नहीं किया है.
शिक्षा परियोजना बोकारो ने कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल बोकारो को प्रथम पत्र 22 अक्टूबर 2017, द्वितीय पत्र छह नवंबर 2017 व तृतीय पत्र 13 दिसंबर 2017 को लिखा है. गौरतलब हो कि 14 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों को ध्वस्त करने का निर्देश बोकारो डीसी को दिया गया था. इसी आदेश के तहत शिक्षा परियोजना बोकारो की ओर से अनुपयोगी घोषित कराने के लिये लगातार पत्राचार किया जा रहा है. इसके बाद भी भवन प्रमंडल इस दिशा में गंभीर नही है. अगर जर्जर विद्यालय भवनों को शीघ्र ध्वस्त नहीं किया गया तो कभी भी अप्रिय घटना घटने से इंकार नहीं किया जा सकता है.
पेटरवार में सबसे अधिक 32 विद्यालय भवन हैं जर्जर : जिले के पेटरवार प्रखंड में सबसे अधिक 32 विद्यालय भवन जर्जर हैं. सबसे कम नावाडीह प्रखंड में 10 विद्यालय. बेरमो प्रखंड क्षेत्र में 13, चंदनकियारी प्रखंड क्षेत्र में 25, चास प्रखंड क्षेत्र में 17, गोमिया प्रखंड क्षेत्र में 13, जरीडीह व कसमार प्रखंड क्षेत्र में 11-11 विद्यालय भवन जर्जर अवस्था में है.
केस स्टडी एक – मध्य विद्यालय बाउरी
मध्य विद्यालय बाउरी टोला महावीर चौक चास का भवन काफी दिनों से जर्जर है. गौरतलब हो कि वर्ष 2012 में सिंगारी जोरिया में आयी बाढ़ से विद्यालय के सभी भवन जर्जर हो गया है. इस बाढ़ में विद्यालय के भवनों को काफी क्षति पहुंची थी. विद्यालय के प्राचार्य प्रभा कुमारी की ओर से विभाग को जर्जर भवन को लेकर पत्राचार किया गया है. प्राचार्य श्रीमती कुमारी ने दूरभाष पर बताया कि विभाग को कई बार पत्राचार किया गया है.
केस स्टडी दो – मध्य विद्यालय पुपुनकी
मध्य विद्यालय पुपुनकी के पांच कमरें जर्जर स्थिति में है. छत से भी बरसात के दिनों में पानी टपकता है. विद्यालय के प्राधानाध्यापक श्रवण झा ने बताया कि जर्जर स्कूल भवन को लेकर विभाग को दो बार पत्र लिखा गया है. फिर से पत्र लिखने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक द्वारा भी इस दिशा में विभाग को पत्राचार किया गया था.
केस स्टडी तीन – मध्य विद्यालय चास
मध्य विद्यालय चास का दो कमरा जर्जर है. शौचालय भवन की भी स्थिति अच्छी नहीं है. प्रधानाध्यापक अशोक प्रजापति ने बताया कि जर्जर विद्यालय भवन को लेकर विभाग को पांच माह पूर्व पत्र लिखा गया है. इस मामले में फैसला विभाग को लेना है. कहा कि यहां करीबन 1500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. वहीं जर्जर शौचालय भवन के लिये कई बार नगर निगम को भी लिखा गया है.
केस स्टडी चार – मध्य विद्यालय हरला
मध्य विद्यालय हरला का आधा दर्जन से अधिक कमरा जर्जर स्थिति में है. फिलहाल इस विद्यालय में जर्जर भवन में विद्याथियों को नहीं पढ़ाया जाता है. स्कूल परिसर में ही निर्मित नये कमरे में पढ़ाया जाता है. प्रधानाध्यापक मंजू कुमारी ने बताया कि विभाग को लिखित रूप से शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है. मौखिक शिकायत कई बार की गयी है. जर्जर भवन को ध्वस्त कराने की जिम्मेवारी विभाग की है.
शिक्षा परियोजना बोकारो ने जर्जर स्कूल भवन को किया है चिह्नित
भवन प्रमंडल ने स्कूल के जर्जर भवनों को नहीं दिया है अनापत्ति प्रमाण पत्र
लिखा गया है पत्र
बोकारो डीसी के आदेशानुसार जिले के 132 विद्यालयों के जर्जर भवन ध्वस्त कराने के लिये कार्यपालक अभियंता बोकारो को पत्र लिखकर अनुपयोगी घोषित करने की मांग की गयी है, लेकिन अभी तक भवन प्रमंडल की ओर से अनुपयोगी घोषित प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है.
कुमार विमल सिंह, सहायक अभियंता शिक्षा परियोजना बोकारो
करायी जायेगी जांच
शिक्षा परियोजना बोकारो की ओर से जर्जर स्कूल भवनों का सूची मिली है. प्राप्त सूची के आधार पर संबंधित क्षेत्रों के कनीय अभियंताओं से सभी विद्यालयों की जांच करायी जा रही है. जांच रिपोर्ट आने के बाद जर्जर भवनों को ध्वस्त करने के लिये विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाण दे दिया जायेगा.
बबन प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल बोकारो
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