‘पीएम आवास निर्माण में कोताही बर्दाश्त नहीं ’

Updated:
विज्ञापन

चास: निर्धारित समय के अंदर हर हाल में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य पूरा करा लेना है. इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. लाभुकों के भरोसे प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य समय पर कभी पूरा नहीं हो सकता. इसके लिये प्रखंड कर्मियों को सक्रिय होना होगा. लाभुकों के बदले सभी को अपने […]

विज्ञापन
चास: निर्धारित समय के अंदर हर हाल में प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य पूरा करा लेना है. इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. लाभुकों के भरोसे प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कार्य समय पर कभी पूरा नहीं हो सकता. इसके लिये प्रखंड कर्मियों को सक्रिय होना होगा. लाभुकों के बदले सभी को अपने स्तर से निर्माण कार्य पूरा कराना होगा.

यह कहना है उपविकास आयुक्त दिगेश्वर तिवारी का. वह बुधवार को चास प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सांस्कृतिक भवन में प्रधानमंत्री आवास निर्माण का समीक्षा करते हुये बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से 14 से 20 नवंबर तक लाभुकों को गृह प्रवेश कराने का समय निर्धारित किया गया है. समय के अंदर प्रखंड क्षेत्र के 2200 लाभुकों का हर हाल में गृह प्रवेश करा देना है.

इसके लिये पंचायत सेवक व अन्य प्रखंड कर्मियों को आवास का निर्माण पूरा कराने के लिये सक्रिय होना पड़ेगा. श्री तिवारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान पूर्ण आवास का फोटो वेबसाइट में अपलोड करा देना है. आवास के साथ लाभुक का भी फोटो होना जरूरी है. कहा कि प्रत्येक सप्ताह आवास निर्माण की समीक्षा की जायेगी. सभी को समीक्षा के दौरान पंचायतवार प्रगति रिपोर्ट हर हाल में देना पड़ेगा. मौके पर बीडीओ कपिल कुमार, जेएसएस विवेकानंद चौधरी, बीपीओ शत्रुध्न कुमार सहित पंचायत, रोजगार सेवक व स्वयंसेवक मौजूद थे.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola