दूर होगा बियाडा का बिजली संकट डीवीसी से आयेगी सीधे बिजली

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बोकारो : बोकारो औद्योगिक क्षेत्र बियाडा का बिजली संकट दूर होने वाला है. इसके लिए बियाडा को डायरेक्ट डीवीसी से जोड़ा जायेगा. दुर्गापूजा के बाद से बियाडा को चंद्रपुरा स्थित डीवीसी संयंत्र से जोड़ने काम शुरू होगा. बियाडा क्षेत्र को वर्तमान में बिजली जैनामोड़ से मिलती है. जैनामोड़ ग्रीड पर पहले से ही बिजली उपभोक्ताओं […]

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बोकारो : बोकारो औद्योगिक क्षेत्र बियाडा का बिजली संकट दूर होने वाला है. इसके लिए बियाडा को डायरेक्ट डीवीसी से जोड़ा जायेगा. दुर्गापूजा के बाद से बियाडा को चंद्रपुरा स्थित डीवीसी संयंत्र से जोड़ने काम शुरू होगा. बियाडा क्षेत्र को वर्तमान में बिजली जैनामोड़ से मिलती है. जैनामोड़ ग्रीड पर पहले से ही बिजली उपभोक्ताओं का भार ज्यादा है, इस कारण बियाडा क्षेत्र में हमेशा बिजली की किल्लत रहती है. चंद्रपुरा डीवीसी से सीधे जुड़ने के बाद बियाडा को बैकअप मिलेगा. यानी क्षेत्र को दो तरफ से बिजली मिलेगी. क्षेत्र को 33 केवीए से जोड़ा जायेगा. इसका सीधा असर उत्पादन व उत्पादकता पर होगा.
क्यों पड़ी जरूरत : बोकारो औद्योगिक क्षेत्र (बियाडा) में 200 से अधिक यूनिट हैं. लेकिन, बिजली की समस्या के कारण ज्यादातर इकाई की स्थिति गंभीर हैं. कई यूनिट बंद होने की कगार पर पहुंच गयी है. इसका असर बोकारो के आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है. 21 सितंबर से बियाडा क्षेत्र में लगभग ब्लैक आउट की स्थिति है. इससे उत्पादन जीरो हो गया है. पूजा के समय में उत्पादन ठप होने से उद्यमियों पर दोहारा मार पड़ रही है.
मुख्यमंत्री के पास जायेगा मामला
भारतीय जनता पार्टी उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र विश्वकर्मा ने बिजली समस्या को लेकर बियाडा क्षेत्र के व्यवसायियों से बात की. कहा : औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की कमी होना चिंता का विषय है. बोकारो की आर्थिक स्थिति पर इसका बुरा असर हो रहा है. यह गंभीर समस्या है. मामला को मुख्यमंत्री के पास पहुंचाया जायेगा.
बिना उद्योग के बियाडा की पहचान नहीं
भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के सह संयोजक भैया प्रीतम ने कहा : बियाडा की पहचान उद्योग धंधा के लिए है. बिजली की कमी इस पहचान को समाप्त करने पर तुली है. ससमय निदान नहीं होने पर स्थिति गंभीर हो जायेगी. समस्या निदान के लिए हर एसडीओ से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात की जायेगी.
रेवेन्यू भी है एक कारण
मार्च माह के बाद बिजली वितरण में रेवन्यु की जिम्मेदारी निजी हाथों में दी गयी है. इसके बाद से औद्योगिक घराना के पास सही समय पर बिजली बिल नहीं मिल पा रहा है. बियाडा क्षेत्र के 80 प्रतिशत से अधिक यूनिट के पास पिछले चार माह से बिजली बिल नहीं आया है. इस कारण बिल जमा नहीं हुआ है. इसका असर विभाग के रेवन्यु पर हो रहा है. बियाडा क्षेत्र से हर माह 3.5 करोड़ रुपया बिजली बिल सरकार के खाता में जाता है, जो पिछले कई महीना से जमा नहीं हो पाया है. इसका एक मात्र कारण रेवेन्यु कनेक्शन की जिम्मेदारी प्राइवेट कंपनी को दिया जाना बताया जा रहा है.
मैनटेनेंस व लोड शेडिंग के कारण हो रही है परेशानी
बोकारो सेक्शन एक के कनीय अभियंता की माने तो 16 से 21 तारीख तक डीवीसी में मरम्मत का काम चल रहा था. इसके बाद लोड शेडिंग हो रहा है. 400 एम्पीयर से अधिक लोड होने पर ऑटोमैटिक बिजली ट्रिप हो जाती है.
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