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रामगढ़, पलामू, गढ़वा में सूखे की स्थिति

Updated at : 07 Aug 2014 5:34 AM (IST)
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रामगढ़, पलामू, गढ़वा में सूखे की स्थिति

अभी सूखा नहीं, सूखे से पहले की स्थिति रांची : झारखंड विधानसभा की कमेटी सुखाड़ का जायजा लेने गढ़वा और पलामू जिले का दौरा करेगी. टीम की अध्यक्षता मंत्री केएन त्रिपाठी करेंगे. सरकार ने विधानसभा सत्र के आखिरी दिन बुधवार को सदन में इसकी घोषणा की. इससे पहले सुखाड़ पर विशेष चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री […]

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अभी सूखा नहीं, सूखे से पहले की स्थिति

रांची : झारखंड विधानसभा की कमेटी सुखाड़ का जायजा लेने गढ़वा और पलामू जिले का दौरा करेगी. टीम की अध्यक्षता मंत्री केएन त्रिपाठी करेंगे. सरकार ने विधानसभा सत्र के आखिरी दिन बुधवार को सदन में इसकी घोषणा की. इससे पहले सुखाड़ पर विशेष चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार का पक्ष रखा.

उन्होंने कहा : सुखाड़ घोषित करने के कई पैमाने हैं. वर्षा और रोपा 50 फीसदी से कम होने चाहिए. ग्रीन वेजीटेटिव इंडेक्स भी 40 फीसदी से कम होना चाहिए. जमीन में नमी मानक से 50 फीसदी कम होनी चाहिए. इसमें से किसी तीन बिंदु के पूरा होने पर ही सुखाड़ की घोषणा होती है. पलामू, गढ़वा और रामगढ़ को छोड़ कर शेष जिलों में स्थिति ऐसी नहीं है.

कई जिलों में 100 फीसदी से भी अधिक बारिश हुई है. उन्होंने कहा : सूखा के दृष्टिकोण से यह अरली स्टेज (पूर्व की स्थिति) है. पलामू और गढ़वा के लिए सरकार ने वैकल्पिक फसल योजना तैयार की है. बीजों का टेंडर हो गया है. जैसे ही स्थिति खराब होगी, सरकार वैकल्पिक फसल योजना जमीन पर उतार देगी.

सदन में मुख्यमंत्री ने कहा : सरकार सौर ऊर्जा से डीप बोरिंग संचालन करनेवाली है. पहली बार में 50 प्रोजेक्ट लिया गया है. इसमें गढ़वा और पलामू जिले को प्राथमिकता दी जायेगी. निजी खेत में भी डीप बोरिंग कराने की सुविधा मिलेगी. ओवर हेड टैंक का निर्माण भी कराया जा सकता है.

सरकार ने 2607 सरकारी तालाबों के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया है. खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने की अवधि अक्तूबर माह तक बढ़ा दी गयी है. राज्य में 50 लाख परिवारों को इसका लाभ दिया जाना है. राज्य में बारिश की यही स्थिति रही, तो किसानों के ऋण की वसूली भी रोक दी जायेगी.

वेल में आ गये सदस्य : सुखाड़ पर मुख्यमंत्री की ओर से पक्ष रखे जाने के बाद विधायक अनंत प्रताप देव, सुधा चौधरी और संजय यादव वेल में आ गये. सभी पलामू और गढ़वा जिले को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की मांग करने लगे. बाद में विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने हस्तक्षेप किया. मामला शांत कराया. इसके बाद सरकार की ओर पलामू और गढ़वा जिले के लिए कमेटी बनाने की घोषणा की गयी.

जायजा लेने के लिए बनी कमेटी

– केएन त्रिपाठी करेंगे कमेटी की अध्यक्षता

– मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान के बाद वेल में घुसे

सुधा चौधरी, अनंत प्रताप देव और संजय यादव

– पलामू और गढ़वा को सूखा क्षेत्र घोषित करने की मांग

– स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता ने किया हस्तक्षेप, सरकार ने की कमेटी की घोषणा

चर्चा में भाग लिया

झाविमो के सत्येंद्र नाथ तिवारी, आजसू के उमाकांत रजक, जदयू की सुधा चौधरी, झामुमो के मथुरा महतो, माले के विनोद सिंह, भाजपा के सत्यानंद झा बाटुल, कांग्रेस के राजेश रंजन, राजद के संजय सिंह यादव, मंत्री केएन त्रिपाठी, भाजपा की विमला प्रधान, तृणमूल के बंधु तिर्की, कांग्रेस के अनंत प्रताप देव.

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