जिल्लत का काम है पुलिस के पास जाना : मुख्यमंत्री

Updated at : 04 Jun 2014 7:57 AM (IST)
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जिल्लत का काम है पुलिस के पास जाना : मुख्यमंत्री

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा : थानों में शिकायत लेकर जाना जिल्लत का काम है. पुलिस बगैर पैसों के शिकायत तक नहीं लिखती. पुलिस में अफसर से लेकर उनके ड्राइवर तक जमीन की खरीद-बिक्री में कमीशन लेते हैं. रांची की सड़कें कोलकाता से बेहतर हैं, फिर भी यहां जमा लगता है. इसका कारण नो […]

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा : थानों में शिकायत लेकर जाना जिल्लत का काम है. पुलिस बगैर पैसों के शिकायत तक नहीं लिखती. पुलिस में अफसर से लेकर उनके ड्राइवर तक जमीन की खरीद-बिक्री में कमीशन लेते हैं.

रांची की सड़कें कोलकाता से बेहतर हैं, फिर भी यहां जमा लगता है. इसका कारण नो इंट्री खत्म होने के बाद पुलिस की ओर से की जानेवाली वसूली है. रातू रोड चौराहे पर किसी भी दिन रात को जाकर कोई भी वसूली करती की पुलिस को देख सकता है. मुख्यमंत्री मंगलवार को होटल बीएनआर में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे.

सिर्फ आंकड़ों में नक्सली घटनाएं कम : सीएम ने कहा : पुलिस कहती है कि राज्य में नक्सली घटनाओं में कमी आयी है. आंकड़ों से नागरिकों का डर कम नहीं होता है. लोगों में डर बैठा हुआ है. हालत इतनी खराब है कि रात को ज्यादातर सड़कों पर लोग चलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते. बिना डरे चलने लायक सड़कें राज्य में दिनों-दिन कम होती जा रही हैं.

मानव तस्करी रोकें : मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा : कोयला-लोहा तस्करी की बात पहले से सुनते रहे हैं. यह होता रहा है, लेकिन अब मानव तस्करी की बात भी सामने आ रही है. यह गंभीर बात है. पुलिस इसे हर हाल में रोके. मानव तस्करी की घटनाएं मानवता पर कलंक है.

आयुक्तों को बाइपास करनेवाले उपायुक्तों पर होगी कार्रवाई : बैठक के दौरान मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती ने कहा : आयुक्त की शक्तियों का इस्तेमाल बेहतर प्रशासन के लिए करना होगा. वर्तमान में इस पद की गरिमा खो गयी है. आयुक्तों की पुरानी गरिमा वापस लानी होगी. सभी उपायुक्तों को आयुक्तों के माध्यम से ही सरकार से संपर्क करना होगा. आयुक्तों को बाइपास कर सीधे सरकार से संपर्क साधना गलत है. ऐसा करनेवाले उपायुक्तों पर कार्रवाई की जायेगी. मुख्य सचिव ने कहा : जिले में नक्सल या किसी तरह की हिंसक घटना होने पर डीसी केवल एसपी पर जिम्मेदारी डाल कर नहीं बच सकते हैं. विधि-व्यवस्था दुरुस्त रखना उपायुक्त और एसपी दोनों की जिम्मेदारी है.

उपायुक्तों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा : पहले अधिकारियों को हड़काइये, फिर सस्पेंड करिए, तभी काम होगा. उपायुक्तों ने शिकायत की कि अभियंताओं पर वह सीधे कार्रवाई नहीं कर सकते. इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि ज्यादातर उपायुक्त सोचते हैं कि इंजीनियर सचिवों को मैनेज कर लेते हैं. ऐसा नहीं होगा. उपायुक्त रिपोर्ट करें. उनकी रिपोर्ट के आधार पर तुरंत कार्रवाई होगी. मैं खुद इन मामलों को देखूंगा.

हेमंत सोरेन ने कहा

बगैर पैसों के शिकायत तक नहीं लिख सकती पुलिस

अफसर से लेकर ड्राइवर तक लेते हैं जमीन के कारोबार में कमीशन

उग्रवादियों के डर से राज्य की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है

नो इंट्री में पैसे वसूलती है पुलिस

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