Coronavirus : आनंद बिहार बस स्टैंड पर 15 हजार से ज्यादा लोग, अफवाह ने बढ़ायी भीड़

Ghaziabad: Migrants board a bus to their native villages amid the nationwide lockdown in the wake of coronavirus pandemic, at NH24 near Delhi-UP Border in Ghaziabad, Saturday, March 28, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI28-03-2020_000232B)
नयी दिल्ली : कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश बंद है. लॉकडाउन में दिल्ली के आनंद बिहार बस स्टेशन पर भारी भीड़ है. इस बस स्टेशन पर लोग इस उम्मीद में पहुंच रहे हैं कि उन्हें यहां से बस मिलेगा. इस स्टेशन पर लगभग 15 से 20 हजार लोग मौजूद हैं. यह भीड़ सिर्फ दिल्ली के मजदूरों की नहीं है हरियाणा, गुरुग्राम सहित कई इलाकों की है जो अपने घर लौटना चाहते हैं. कुछ बसें धौलाकुआं से भी चलायी जा रही है. बहुत सारे मजदूर अब धौलाकुआं की तरफ पैदल निकल गये हैं.
नयी दिल्ली : कोरोना वायरस की वजह से पूरा देश बंद है. लॉकडाउन में दिल्ली के आनंद बिहार बस स्टेशन पर भारी भीड़ है. इस बस स्टेशन पर लोग इस उम्मीद में पहुंच रहे हैं कि उन्हें यहां से बस मिलेगा. इस स्टेशन पर लगभग 15 से 20 हजार लोग मौजूद हैं. यह भीड़ सिर्फ दिल्ली के मजदूरों की नहीं है हरियाणा, गुरुग्राम सहित कई इलाकों की है जो अपने घर लौटना चाहते हैं. कुछ बसें धौलाकुआं से भी चलायी जा रही है. बहुत सारे मजदूर अब धौलाकुआं की तरफ पैदल निकल गये हैं.
मजदूरों के लिए हो रही है बस की सुविधा
आनंद बिहार बस स्टेशन में इतनी भारी संख्या में लोग कैसे जमा हुए ऐसे वक्त में जब पूरा देश लॉकडाउन है. गाड़ियां नहीं चल रही है हालांकि यह सूचना दी जा रही है कि यहां मौजूद लोगों के लिए बस की सुविधा दी जायेगी. जानकारी के अनुसार कुछ लोगों को घर भेजने के लिए बस की सुविधा दी गयी है.
पूरे परिवार के साथ सड़क पर मजदूर
इस बस स्टेशन पर मौजूद लोगों में कई लोग अपने छोटे बच्चे , मां और पत्नी के साथ है. आनंद बिहार बस स्टेशन में पुलिस लगातार यह कोशिश कर रही है कि भीड़ किसी तरह कम हो पुलिस लोगों को जानकारी दे रही है कि आप सेल्टर होम में जाइये वहां रहिये वहां रहने के लिए आपके भोजन के लिए पूरी व्यस्था की गयी है.
ग्राउंड रिपोर्ट
रात के 9 बजे तक भी स्थिति वैसे ही है लोगों को यह उम्मीद है कि वह घर जा पायेंगे. कुछ लोग अपने पूरे परिवार के साथ सड़क के दोनों तरफ बैठे हुए हैं. कुछ लोग इतनी रात में भी अपने घर की तरफ पैदल चले जा रहे हैं. कुछ प्राइवेट बसें चल रही है लेकिन किराया बढ़ाकर लिया जा रहा है.
मनमाना किराया वसूला जा रहा है
एक यात्री ने बाताया कि उनके घर जाने के लिए सात सौ रूपये लगते हैं लेकिन उनसे 2300 रुपये मांगे जा रहे हैं. मजदूरों का कहना है कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह इतना किराया दे सकें. गृहमंत्रालय की बैठक में प्रवासी मजदूरों को यह भरोसा दिया गया है कि आपके रहने और खाने की उचित व्यस्था है. आप अगर दिल्ली में रहते हैं और किराये का मकान है तो आप लौट जाएं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपील की है कि मजदूर कहीं ना जाएं हम सबके रहने खाने की व्यस्था करेंगे
क्या है कारण
लॉकडाउन के बाद लोगों का रोजगार छिन गया साथ ही मजदूरों के बीच यह भी अफवाह है कि 21 दिन का लॉकडाउन और बढ़ेगा. इस अफवाह के बाद मजदूर अपने घरों के लिए निकल गये. जैसे ही मजदूर घर के लिए निकले उनके दूसरे साथी भी दूसरे मजदूरों को देखकर अपने गांव की तरफ जाने के लिए निकल गये. उनके दूसरे साथियों ने भी अफवाह फैलायी की यहां से बस मिल रही है जैसे ही मजदूरों के बीच यह अफवाह फैली लोग घरों से निकल गये.
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लेखक के बारे में
By PankajKumar Pathak
Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.
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