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दिल्ली में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक बनेगा

Updated at : 29 Jun 2020 7:17 PM (IST)
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दिल्ली में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक बनेगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ‘प्लाज्मा बैंक' स्थापित करने की घोषणा की है .

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नयी दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए ‘प्लाज्मा बैंक’ स्थापित करने की घोषणा की है .

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह बैंक दिल्ली सरकार द्वारा संचालित यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान में स्थापित किया जाएगा और डॉक्टरों तथा अस्पतालों को मरीज की जरूरत को देखते हुए प्लाज्मा के लिए यहां संपर्क करना होगा.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने कहा कि प्लाज्मा दान से जुड़ी जानकारियों को लेकर सरकार हेल्पलाइन भी स्थापित करेगी. उन्होंने कहा कि जो भी प्लाज्मा दान करने के इच्छुक होंगे, उनके लिए सरकार यात्रा का प्रबंध करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘ कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्लाज्मा बैंक शायद अपनी तरह की पहली ऐसी व्यवस्था होगी.

शायद यह देश में पहला प्लाज्मा बैंक होगा.” उन्होंने कहा कि लोग प्लाज्मा हासिल करने के लिए काफी परेशान हो रहे थे, जिसको देखते हुए इस बैंक की जरूरत महसूस हुई. उन्होंने बताया कि निजी और सरकारी अस्पताल दोनों ही यहां से प्लाज्मा हासिल कर सकेंगे. हालांकि, केजरीवाल ने यह भी कहा कि प्लाज्मा थेरेपी ‘संजीवनी बूटी’ नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘ सामान्य तौर पर उन मरीजों की जान बचा पाना काफी मुश्किल हो जाता है जो अंतिम स्थिति में हैं या उन्हें पहले से ही बीमारियां हैं और वेंटिलेटर पर हैं.

वैसे मरीज जिनकी स्थिति मध्यम स्तर पर है, उनके लिए यह थेरेपी लाभदायक है.” वैसा व्यक्ति जो हाल ही में कोविड-19 से उबरा है और उसमें एंटीबॉडी विकसित हुई है, प्लाज्मा थेरेपी में ऐसे ही मरीजों के खून से एंटीबॉडीज ली जाती है और इसका इस्तेमाल संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाता है. केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने अब तक कोविड-19 के 29 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल परीक्षण किया है और इसके परिणाम ‘उत्साहजनक’ रहे हैं.

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोविड-19 से संक्रमित थे और उन पर भी प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया. अब वह स्वस्थ हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल में 35 मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया गया, जिनमें से 34 की जान बचाई गई और एक मरीज की मौत हो गई. इसी तरह से निजी अस्पतालों में 49 मरीजों पर इस थेरेपी का इस्तेमाल हुआ, जिनमें से 46 लोग स्वस्थ हो गए.

मुख्यमंत्री ने लोगों से आगे आकर प्लाज्मा दान करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा, ‘‘ पूरे जीवन में दूसरों की जान बचाने के बहुत कम मौके आते हैं और आपके पास (कोविड-19 से स्वस्थ हुए लोग) यह मौका है.” केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 मरीज के रिश्तेदार मरीजों को प्लाज्मा देने के लिए स्वतंत्र हैं . सिर्फ बैंक में ही दान देना आवश्यक नहीं है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिस्तरों की संख्या में कमी नहीं है और इस महामारी से निपटने के लिए कई प्रभावी तरीके अपनाए गए हैं. रविवार को दिल्ली में संक्रमण के 2,889 मामले सामने आए जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 83,000 से अधिक हो गई और अब तक 2,623 लोगों की मौत हो चुकी है. महानगर में अब 421 निरूद्ध क्षेत्र हैं

Posted By – pankaj Kumar pathak

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PankajKumar Pathak

लेखक के बारे में

By PankajKumar Pathak

Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.

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