दिल्ली आबकारी मामले में AAP को बनाया जाएगा आरोपी, सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने दाखिल किया जवाब

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Oct 2023 9:55 PM

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Supreme Court | ANI, X

दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया को ईडी और सीबीआई दोनों की जांच का सामना करना पड़ रहा है. उन पर सीबीआई ने कुछ शराब व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार की उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव लाने का आरोप है.

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Delhi Liqure Case: आम आदमी पार्टी की मुश्किले बढ़ सकती है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली उत्पाद शुल्क मामले में ‘आप’ को आरोपी बनाने पर विचार कर रही है. कोर्ट में ईडी ने कहा कि हम आम आदमी पार्टी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम की धारा 70 के तहत आरोपी बनाने पर विचार कर रहे हैं. ईडी ने कहा कि इसे अतिरिक्त जांच किये जाने में आसानी होगी. कोर्ट में यह बाते ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कही. बता दें राजू 4 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे. दरअसल अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह सवाल उठाया था.

SC में ईडी और सीबीआई ने दाखिल किया जवाब

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से यह भी कहा कि वह दिल्ली आबकारी नीति संबंधी मामलों में आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाने पर विचार कर रहे हैं. दोनों जांच एजेंसियों की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस वी एन भट्टी की पीठ से कहा कि उन्होंने राज्य को निर्देश दिये हैं कि एजेंसियां आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाने पर विचार कर रही हैं. हालांकि, पीठ ने राजू से मंगलवार को इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा कि क्या सीबीआई और ईडी की जांच वाले मामलों में आप के खिलाफ अलग-अलग आरोप होंगे.

राजू ने यह बयान तब दिया जब पीठ आप नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें आबकारी नीति के मामलों में गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसियों ने अक्सर कहा है कि आप उन हितधारकों से प्राप्त रिश्वत की लाभार्थी थी, जिन्हें बदले में शराब लाइसेंस प्राप्त हुए थे. उन्होंने आरोप लगाया है कि आप ने इस धन का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए किया था.

गौरतलब है कि दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया को ईडी और सीबीआई दोनों की जांच का सामना करना पड़ रहा है. उन पर सीबीआई ने कुछ शराब व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार की उत्पाद शुल्क नीति में बदलाव लाने का आरोप है. केंद्रीय ऐजेंसी ने जांच के बाद दावा किया था कि सिसोदिया ने आप के मीडिया प्रभारी विजय नायर के साथ मिलकर अब समाप्त हो चुकी उत्पाद शुल्क नीति 2021 के तहत उपलब्ध लाभ मार्जिन को पिछले 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने में अहम भूमिका निभाई थी.

भाषा इनपुट से साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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